सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय (एसकेएमयू) ने पीएचडी शोधार्थियों के लिए नई व्यवस्था लागू की है, जिसमें उन्हें प्रत्येक तीन माह में अपनी शोध प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य रूप से जमा करनी होगी। अब शोधार्थी अपनी प्रगति रिपोर्ट अपने मार्गदर्शक के माध्यम से विभाग में जमा करेंगे, जिसे बाद में विभागाध्यक्ष विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग को भेजेंगे। इस नई व्यवस्था की जानकारी परीक्षा नियंत्रक डॉ. जयकुमार साह ने सभी स्नातकोत्तर विभागाध्यक्षों को एक आधिकारिक पत्र के माध्यम से दी है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि सभी पीएचडी शोधार्थियों को नियमित रूप से अपने विभाग में उपस्थित रहना होगा और प्रगति रिपोर्ट के साथ अपनी उपस्थिति पंजी की छायाप्रति भी जमा करनी होगी। इसके अलावा, पीएचडी फेलोशिप प्राप्त करने वाले शोधार्थियों के लिए प्रतिदिन विभाग में उपस्थित रहना अनिवार्य कर दिया गया है।
गौरतलब है कि अन्य राज्य विश्वविद्यालयों में यह नियम पहले से लागू है, और नियमित प्रगति रिपोर्ट जमा करने से शोध की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। एसकेएमयू में भी यह निर्णय हाल ही में 4 और 5 अक्टूबर को हुई पीजीआरसी बैठक में लिया गया, जिससे उम्मीद है कि शोध की गुणवत्ता में वृद्धि होगी और शोधार्थी समय पर अपने शोध कार्य को पूरा कर सकेंगे।
विश्वविद्यालय के अनुसार, कई शोधार्थियों के अपने शोध कार्यों को पाँच वर्षों में पूरा नहीं करने के मामले भी सामने आए हैं। साथ ही, कुछ शोध निदेशकों ने यह भी बताया है कि कई शोधकर्ता केवल औपचारिक हस्ताक्षर के लिए उनसे संपर्क करते हैं और पूरे शोध के दौरान मार्गदर्शन के लिए उनसे नहीं मिलते। इस नए कदम से ऐसे मामलों में कमी आने की संभावना है और शोधार्थी अधिक अनुशासित तरीके से अपने शोध कार्य को पूर्ण कर सकेंगे।