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भारत में चार्टर्ड अकांउटेंट के क्षेत्र में महिलाएं आएं आगे

दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल ने गुरूवार को भारत के चार्टर्ड अकाउंटैंट्स से भारतीय चार्टर्ड अकाउंटैंसी फर्मों को वैश्विक स्तर की कंपनियों के स्तर पर ले जाने की अपील किया है। मंत्री नई दिल्ली में भारतीय चार्टर्ड अकाउंटैंट्स संस्थान (आईसीएआई) के दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटैंट्स को दुनिया के सबसे महान व्यवसायों में से एक है किसी दस्तावेज पर सीए का हस्ताक्षर दस्तावेज के कंटेंट और इसकी सत्यता, सत्यनिष्ठता तथा सच्चाई का एक बहुत शक्तिशाली सबूत होता है। दुनिया भर में 168 शाखाओं, विभिन्न शहरों में 77 केंद्रों के साथ 47 देशों में उपस्थिति के साथ आईसीएआई की वैश्विक फुटप्रिंट पर लोगों को काफी भरोसा है। आईसीएआई को विश्व भर में 100 केंद्र स्थापित करने के लिए बधाई देते हुए दक्षिण अमेरिका महाद्वीप में भी अपनी उपस्थिति विस्तारित करने की अपील की।

विश्व के प्रतिभा कारखाने के रूप में देखा जाता है भारत 

मंत्री पियुष गोयल ने कहा कि सीए को हमेशा ही समावेशी विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए जिससे कि हम एक विकसित देश बनने की ओर प्रगति कर सकें और यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी पीछे न छूट जाए। उन्होंने कहा कि हमें समाज के हर वर्ग को, व्यवस्था क्रम के सबसे निचले हिस्से के लोगों, समाज के सीमांत वर्गों के लोगों को साथ लेकर चलना चाहिए। देश में सबसे कम विशेषाधिकार प्राप्त लोगों को भी बेहतर और गुणवत्तापूर्ण जीवन जीने का अधिकार है और सीए को अनिवार्य रूप से समावेशी विकास को बढ़ावा देने के जरिये इन अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए काम करना चाहिए। मंत्री ने कहा कि भारत को अब विश्व के प्रतिभा कारखाने के रूप में देखा जाता है और कहा कि सीए राष्ट्र द्वारा निर्मित्त सबसे सक्षम प्रतिभाओं में से एक हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत के सीए न केवल अपने देशवासियों की बल्कि दुनिया की उम्मीदों पर भी खरे उतरेंगे।

उद्यमिता के नये रास्तों की खोज करें युवा चार्टर्ड अकांउटेंट 

युवा सीए से लेखांकन, लेखा परीक्षा, प्रबंधन परामर्श के साथ-साथ उद्यमिता के रास्तों की खोज करने की सलाह दी। उन्होंने भारत के चार्टर्ड अकाउंटैंसी निकायों से ‘‘नारी शक्ति’’ या महिला शक्ति के साथ अधिक से अधिक जुड़ने तथा यह सुनिश्चित करने को कहा कि अधिक से अधिक महिलाएं सीए बन सकें और अधिक से अधिक महिलाएं आईसीएआई की परिषद में शामिल हों, जिससे इसे मजबूत और अधिक समावेशी बनाया जा सके।

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