जामा विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रत्याशी सुरेश मुर्मू ने गुरुवार को महारो स्थित भाजपा चुनाव कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी चुनावी रणनीति पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने इस चुनाव को जामा क्षेत्र के भविष्य को तय करने वाला चुनाव बताया और कहा कि यह केवल विधायक, मंत्री, या मुख्यमंत्री चुनने के लिए नहीं, बल्कि क्षेत्र की जनता के हक और उनकी सुरक्षा के लिए है।
सुरेश मुर्मू ने भाजपा के तीसरी बार उन पर भरोसा जताने का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह स्वयं को जामा का बेटा मानते हैं और हमेशा क्षेत्र की जनता के सुख-दुख में उनके साथ खड़े रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से अपने जुड़ाव को सेवा का आधार बताते हुए कहा कि संघ से उन्हें सेवा और समर्पण की भावना मिली है।
चुनाव का असली मुद्दा: भू-माफिया और बाहरी घुसपैठ के खिलाफ लड़ाई
मुर्मू ने इस चुनाव को क्षेत्र में सक्रिय भू माफिया, कोयला माफिया, बालू माफिया और गिट्टी माफिया के खिलाफ संघर्ष करार दिया और कहा कि यह चुनाव धनतंत्र बनाम जनतंत्र की लड़ाई है। उन्होंने झारखंड की अस्मिता बचाने और बांग्लादेशी एवं रोहिंग्या घुसपैठियों से क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। साथ ही, हिंदू त्योहारों पर हिंसा, लव जिहाद से बेटियों की सुरक्षा और ग्रामीणों के अधिकारों की रक्षा को भी अपनी प्राथमिकता बताया।
जनता और कार्यकर्ताओं के विश्वास से विजय का भरोसा
सुरेश मुर्मू ने कहा कि इस चुनाव में जामा और रामगढ़ के भाजपा कार्यकर्ता एकजुट होकर लड़ रहे हैं और जनता की आवाज इस बार चुनावी मैदान में गूंज रही है। झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस-राजद गठबंधन की सरकार पर हमला करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि इस गठबंधन ने झारखंड में बेरोजगारी को बढ़ाया और युवाओं को रोजगार देने की बजाय उनके लिए मुश्किलें खड़ी की हैं।
अंत में, भाजपा में भीतरघात और गुटबाजी के सवाल पर उन्होंने कहा कि जब जनता और कार्यकर्ता एकजुट होकर चुनाव लड़ रहे हैं, तो गुटबाजी का सवाल ही नहीं उठता।