मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। पंकज मिश्रा को साहिबगंज जिले में अवैध खनन और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जमानत दी गई है, जिससे उनके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है। यह फैसला तीन दिन पहले हुई सुनवाई के बाद आया, जिसमें उनकी जमानत याचिका पर विचार हुआ था। गौरतलब है कि ईडी ने 19 जुलाई 2022 को उन्हें गिरफ्तार किया था।
साहिबगंज जिले में अवैध खनन के जरिए 1000 करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की बड़ी कार्रवाई जारी है। ईडी ने कई आरोपियों की संपत्ति जब्त करने की तैयारी कर ली है, जिनमें पंकज मिश्रा भी शामिल हैं। पंकज मिश्रा के सहयोगी बच्चू यादव और प्रेम प्रकाश जैसे अन्य आरोपी भी इस मामले में जेल में हैं। जांच एजेंसी ने आरोपियों की अवैध संपत्तियों की विस्तृत जानकारी जुटा ली है।
ईडी की जांच में सामने आया कि पंकज मिश्रा का साहिबगंज में अवैध पत्थर खनन पर सीधा नियंत्रण था। मिश्रा के संरक्षण में ही अवैध खनन और परिवहन होता था, और इसके बदले मोटी रकम वसूली जाती थी। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए इस अवैध कारोबार को बढ़ावा दिया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी इस अवैध गतिविधि को रोकने में नाकाम रहे।
पिछले साल ईडी ने पंकज मिश्रा और उनके सहयोगियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें करोड़ों रुपए की नकदी और बैंक खातों में जमा राशि जब्त की गई थी। जांच एजेंसी का दावा है कि साहिबगंज में 1000 करोड़ रुपए से अधिक का अवैध खनन हुआ है। पंकज मिश्रा की जमानत से जुड़े इस मामले पर अब नजरें टिकी हैं, क्योंकि इससे ईडी की आगे की कार्रवाई पर भी प्रभाव पड़ सकता है।