बड़कागांव बरसात के दिनों में जंगली मशरूम प्रजाति के ही फुटका के नाम से जंगलों में खूब मिलते हैं। जिसे झारखंड में रुगड़ा के भी नाम से जाना जाता है। इसकी उत्पत्ति बरसात के शुभारंभ वज्रपात और मूसलाधार बारिश के पश्चात दो-तीन दिनों के बाद होना प्रारंभ हो जाता है। यह कई औषधीय गुणों से भी भरा होता है। कठिन परिश्रम के बाद इससे जमीन से खोदकर निकाली जाती है। लोग इसे सब्जी के रूप में भी बनाते हैं जो मटन चिकन से भी खाने में बेहतर लगता है। शुरुआती दौर में इस फुटका के कीमत में काफी तेजी देखी जा रही है। बड़कागांव दैनिक बाजार में शुक्रवार को मटन से भी मंहगा ₹900 किलो के भाव में बेची गई। फिर भी इसे खरीदने के लिए खरीदारों में होड़ सी लगी हुई थी