जरमुंडी प्रखंड के राय किनारी पंचायत में फसल राहत योजना के लाभुकों से पंचायत के उप मुखिया के पति द्वारा अवैध वसूली की शिकायतें मिल रही है। फसल राहत योजना के फॉर्म में दस्तखत करने के एवज में रुपए नहीं देने पर लाभुक के फार्म को अस्वीकृत कर दिया गया जिससे गरीब महिला सरकारी योजना के लाभ से वंचित नजर आ रही है। इस संबंध में लाभुक महिला यशोदा देवी ने बताया कि फसल राहत योजना का लाभ लेने के उद्देश्य से फॉर्म लेकर मुखिया से साइन कराने वह रायकिनारी पंचायत भवन गई थी। पंचायत भवन में मुखिया मौजूद नहीं थी। किसी काम से मुखिया झुमरी हेम्ब्रम जिला से बाहर चली गई है लेकिन बाहर जाने से पूर्व मुखिया ने उप मुखिया आशा देवी को प्रभार सौंप दिया ताकि ग्रामीणों को उनकी अनुपस्थिति में किसी प्रकार की कोई परेशानी ना हो। पीड़ित महिला ने बताया कि पंचायत भवन पहुंचने पर देखा कि उप मुखिया के पति भोली साह उप मुखिया की कुर्सी पर बैठकर सभी काम निपटा रहे हैं। भोली साह पत्नी के नाम से स्वयं फार्म में दस्तखत कर रहे थे और इसके एवज में प्रति लाभुक एक 100 रूपये की राशि अवैध रूप से ले रहे थे। यशोदा देवी के पास पैसे नहीं थे जिसके कारण फार्म को कैंसिल कर दिया और कहा कि जाओ तुम्हारा काम नहीं होगा।
एक तो बारिश नहीं होने से किसानों की स्थिति दयनीय हो गई है और ऊपर से राहत योजना में आवेदन के लिए भी घूस की मांग की जा रही है वह भी उप मुखिया के पति द्वारा। ऐसे में सवाल उठता है कि एक जनप्रतिनिधि की कुर्सी पर उसका पति बैठकर सरकारी काम निपटा रहा है जो नियम विरुद्ध है। ऐसे बिचौलिया किस्म के लोगों की दबंगता के कारण निचले स्तर के लाभुकों को सरकारी योजनाओं का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसे लोगों पर निश्चित तौर पर कार्रवाई होनी चाहिए।
राय किनारी पंचायत में फसल राहत योजना के लाभुकों से पंचायत के उप मुखिया के पति द्वारा अवैध वसूली की शिकायतें मिल रही है।
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