दुमका जिले शिकारीपाड़ा के प्रवासी मजदूरों को 55 आरसीसी में काम दिलवाने का झांसा देकर दुमका से जम्मू ओर कश्मीर बुलाकर सिविल में काम करवाया और दो महीने तक काम करवाने के बाद मजदूरों का पैसा नहीं दिया। शिकारीपाड़ा के 30 मजदूर अब दुमका एसपी से पैसा दिलवाने की मांग कर रहे है। दुमका के एसपी अंबर लाकड़ा से शिकारीपाड़ा के जमील अंसारी के नेतृत्व में दर्जनों मजदूरा मिले। मजदूरों ने सिराज अंसारी पर दो महीने तक काम करवा कर पैसा नहीं देने का आरोप लगाया। एसपी को सौंपे आवेदन में मजदूरों ने कहा है कि शिकारीपाड़ा के शिवतल्ला गांव के सिराज अंसारी ने उनलोगों को जम्मू कश्मीर के 55 आरसीसी में काम दिलवाने के लिये बुलवाया। प्रत्येक मजदूर को 20 हजार महीना दिलवाने का वादा भी किया और 5 हजार रूपया प्रत्येक मजदूर से नौकरी दिलवाने के एवज में मंागा। जमील मजदूरों को लेकर जम्मू एंड कश्मीर पहुंच गया। सिराज ने मजदूरों को लेबर कार्ड और बैंक खाता खोलवाने कहा। उसके बाद मजदूरों को आरसीसी 55 के स्थान पर सिविल में काम करवाया। दो महीने तक मजदूरों ने सिविल में काम किया। दो महीने काम करवाने के बाद इन मजदूरों को पैसा नहीं दे रहा है। त्येक मजदूर पांच हजार रूपया के हिसाब से बसारत अंसारी ने जमील अंसारी से पैसा लेकर वादा किया था कि आरसीसी 55 में काम दिलवा देगा लेकिन मजदूरों को काम नहीं प्राइवेट में काम करवाया। मजदूर एसपी से सिराज अंसारी से दो महीने के काम का पैसा दिलवाने के साथ ही कानूनी कारवाई की मांग कर रहे।
यह कोई पहला मामला नहीं है जब प्रवासी मजदूरों के रूप में दुमका से काम करने गये मजदूरों के साथ ऐसी समस्या हो रही है। सिराज अंसारी के खिलाफ पूर्व में मजदूरों ने जिला प्रशासन से शिकायत की है। मजदूरों को कब तक उनका पैसा मिलता है यह तो एसपी अंबर लाकड़ा के इस मामले संज्ञान लेने के बाद ही पता चलेगा।
शिकारीपाड़ा के 30 मजदूर एसपी से पैसा दिलवाने की कर रहे है मांग
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