झालसा के निर्देश पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश -सह-जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दुमका के अध्यक्ष अनिल कुमार मिश्र एवं सचिव विश्वनाथ भगत के मार्गदर्शन में जिले के सभी प्रखंडों में पैरा लीगल वालंटियर के द्वारा यौन उत्पीड़न की शिकार लड़कियों के लिए नारी सशक्तिकरण अभियान चलाया गया। पैरा लीगल वालंटियर के द्वारा विभिन्न प्रखंडों के गांव-गांव में जाकर महिलाओं के विरुद्ध सभी प्रकार की हिंसा चाहे शारीरिक हो अथवा मानसिक या यौन उत्पीड़न हो, उनसे प्रभावी ढंग से कैसे निपटा जाए, इसकी जानकारी दी। कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न समेत ऐसी हिंसा एवं दहेज प्रथाओं के रोकथाम के लिए उन्हें विस्तार रूप से समझाया गया। कार्यक्रम में लोगों को समझाया गया कि भारतीय दंड संहिता के अनुसार बलात्कार अपहरण अथवा बहला फुसलाकर भगा ले जाना, शारीरिक या मानसिक शोषण, दहेज के लिए मार डालना, पत्नी से मारपीट, यौन उत्पीड़न आदि को गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा गया है। ऐसे अपराधों की पीड़ित महिलाओं को स्वयं भी आवाज उठाने की आवश्यकता है ता कि हमारे समाज में ऐसी घटना ना हो।
