
अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग को एक महीना पूरा हो गया है। 28 फरवरी को अमेरिका द्वारा ईरान पर हमले के साथ शुरू हुआ यह संघर्ष अब और अधिक खतरनाक मोड़ लेता नजर आ रहा है। शुक्रवार को ईरान ने सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर बड़ा हमला किया, जिसमें कम से कम 10 अमेरिकी सैनिक घायल हो गए। रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।
अमेरिकी और अरब अधिकारियों के मुताबिक, हमले के समय सैनिक बेस के एक भवन के अंदर मौजूद थे। तभी मिसाइल और ड्रोन के जरिए हमला किया गया। एक मिसाइल सीधे एयरबेस पर गिरी, जबकि कई ड्रोन भी हमले में शामिल थे। इस हमले में अमेरिकी रीफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट को भी नुकसान पहुंचा है।
एयरबेस पर दूसरा बड़ा हमला
इस जंग के दौरान इस एयरबेस पर यह दूसरा बड़ा हमला है। इससे पहले भी यहां मिसाइल स्ट्राइक हो चुकी है, जिसमें पांच रीफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट क्षतिग्रस्त हुए थे। लगातार हो रहे हमलों से संकेत मिलता है कि ईरान अब सीधे अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है।
अब तक इस युद्ध में 300 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक घायल हो चुके हैं, हालांकि अधिकांश फिर से ड्यूटी पर लौट चुके हैं। वहीं अरबों डॉलर के अमेरिकी सैन्य उपकरण नष्ट या क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। अनुमान के अनुसार, सिर्फ तीन हफ्तों में अमेरिका को 1.4 से 2.9 बिलियन डॉलर तक का नुकसान हुआ है।
पहले भी लगे बड़े झटके
युद्ध के दौरान अमेरिका को कई बड़े नुकसान झेलने पड़े हैं। तीन अमेरिकी F-15E लड़ाकू विमान गलती से कुवैत की एयर डिफेंस द्वारा मार गिराए गए, हालांकि सभी क्रू सदस्य सुरक्षित बच निकले। वहीं इराक में दो KC-135 एयरक्राफ्ट की टक्कर में छह अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई।
ईरान के हमलों में कई MQ-9 रीपर ड्रोन भी नष्ट हो चुके हैं। इनमें कुछ को मिसाइल से गिराया गया, जबकि कुछ को जमीन पर ही तबाह कर दिया गया। इसके अलावा एक महंगे THAAD मिसाइल सिस्टम का रडार भी हमले में क्षतिग्रस्त हुआ, जिसकी कीमत करीब 300 मिलियन डॉलर बताई जाती है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ी अमेरिकी तैनाती
तनाव के बीच अमेरिका अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने में जुटा है। USS George H.W. Bush एयरक्राफ्ट कैरियर को मिडिल ईस्ट के पास तैनात करने की तैयारी चल रही है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह पहले से मौजूद कैरियर की जगह लेगा या उनके साथ मिलकर ऑपरेशन को और मजबूत करेगा।
ईरान के न्यूक्लियर प्लांट पर हमला
दूसरी ओर, ईरान के बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट पर भी हमला हुआ है। हालांकि किसी तरह के नुकसान या हताहत की खबर नहीं है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु एजेंसी ने इस पर चिंता जताते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह जंग और बड़े स्तर पर फैलने जा रही है।