
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भारत-UK CEOs Forum की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि मौजूदा वैश्विक अस्थिरता के बीच यह वर्ष भारत और ब्रिटेन के संबंधों के लिए अभूतपूर्व रहा है। उन्होंने जुलाई में हुई ब्रिटेन यात्रा के दौरान हुए Comprehensive Economic and Trade Agreement (CETA) पर हस्ताक्षर को दोनों देशों की साझी समृद्धि की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।
मोदी ने कहा कि यह समझौता सिर्फ एक व्यापारिक अनुबंध नहीं है, बल्कि “shared progress, shared prosperity and shared peoples” का रोडमैप है। इसके तहत MSME सेक्टर को मजबूती मिलेगी और युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर खुलेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्तमान 56 बिलियन डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक दोगुना किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री ने CETA के चार नए आयाम पेश किए — C (Commerce & Economy), E (Education & People-to-People Ties), T (Technology & Innovation) और A (Aspirations)। उन्होंने कहा कि भारत में policy stability, predictable regulation और large-scale demand के चलते इंफ्रास्ट्रक्चर, फार्मा, एनर्जी और फाइनेंस जैसे क्षेत्रों में बड़े अवसर हैं। उन्होंने यह भी बताया कि UK की 9 यूनिवर्सिटीज जल्द ही भारत में अपने कैंपस शुरू करने जा रही हैं, जिससे शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग और मजबूत होगा।
मोदी ने कहा कि अब भारत और ब्रिटेन को FinTech, ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर और स्टार्टअप्स जैसे क्षेत्रों में वैश्विक मानक स्थापित करने चाहिए। उन्होंने UK के प्रधानमंत्री स्टार्मर के साथ घोषित Vision 2035 को दोनों लोकतांत्रिक देशों की साझा महत्वाकांक्षा का खाका बताया। प्रधानमंत्री ने CEOs से भारत की विकास यात्रा में शामिल होने का आह्वान करते हुए कहा— “Let India and the UK set Global Benchmarks together!”