— रैगिंग और प्रेम प्रसंग की बात आ रही सामने
— मृतक का छोटा भाई भी है जेएनवी का छात्र
सरैयाहाट/निज संवाददाता। जवाहर नवोदय विद्यालय हंसडीहा में रविवार की देर शाम कक्षा आठ के छात्र चंदन कुमार सिंह(14) ने फंदे से झूलकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या की वजह का पता नहीं चल पाया है लेकिन सूत्र बताते हैं की आत्महत्या की दो वजहें हो सकती हैं। पहला रैगिंग दूसरा प्रेम प्रसंग। मिली जानकारी के अनुसार नवोदय विद्यालय में कलस्टर लेवल गेम का आयोजन किया जा रहा था जिसमें तीन राज्यों के नवोदय के स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया था। रविवार की देर शाम प्रतियोगिता के समापन के बाद शाम की प्राथना में सभी छात्र शामिल हुए थे लेकिन चंदन उसमें शामिल नहीं हुआ था। शाम को जब उसके सहपाठी छात्रावास में आए तो उसे पंखे से झूलते हुए पाया, जिसके बाद विद्यालय के प्राचार्य को घटना की जानकारी दी गई। प्राचार्य को जानकारी मिलने के बाद उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरैयाहाट पहुंचाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सीएचसी में सरैयाहाट पुलिस ने घटना के विषय में विद्यालय के शिक्षकों का बयान लिया। मृतक सरैयाहाट थाना क्षेत्र के डुमरिया गांव का रहने वाला था। उसके पिता निर्मल सिंह गांव में खेती का कार्य करते है। देर रात घटना की जानकारी मिलने के बाद मृतक के दादा तूफानी सिंह और मां रेखा देवी हंसडीहा थाना पहुंची तो अपने बच्चें की मौत की जानकारी मिलते हैं चीख चीख कर रोनी लगी। बताया जाता हैं की मृतक चंदन के छोटे भाई कुंदन का नामांकन इसी वर्ष नवोदय विद्यालय हंसडीहा में हुआ है। वह दो भाईयों में बड़ा था।
जेएनवी पहले भी रैगिंग और आत्महत्या की घट चुकी है घटना
हंसडीहा नवोदय में आत्महत्या की यह कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी विद्यालय में आत्महत्या के मामले सामने आ चुके हैं लेकिन विद्यालय प्रशासन इसे लेकर कभी गंभीर नहीं हुआ। रैगिंग को लेकर भी एक बार विद्यालय में बवाल हो चुका है। उस समय माहोल ऐसा बना था की विद्यालय के छात्रावास को खाली करवाना पड़ा था। लेकिन कभी भी विद्यालय प्रशासन छात्र छात्राओं की सुरक्षा को लेकर कभी सजग नहीं हुई। विद्यालय के कई शिक्षक अंदर की गुटबाजी में हमेशा व्यस्त दिखाई देते हैं।
कलस्टर लेवल गेम के बाद वे अपने आवास में गए ही थें की उन्हें इसकी जानकारी मिली। जिसके बाद तत्काल उसे अस्पताल भिजवाया गया। रैगिंग के सवाल पर उन्होंने बताया की विद्यालय में ऐसी कोई गतिविधि नहीं होती है। विद्यालय की ओर से घटना की वजह के लिए जांच टीम बनाकर इसकी जांच करवाई जायेगी।
ई केरकट्टा, प्राचार्य जेएनवी हंसडीहा