आयोग के अध्यक्ष को नाबालिग पीड़िता के परिजनों से नहीं मिलवा पायी दुमका जिला प्रशासन

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के चेयरपर्सन प्रियंक कानूनगो दुमका जिला प्रशासन से नाराज हो गये है एनसीपीसीआर के अध्यक्ष जिला प्रशासन को निर्देश दिया था कि हैगिंग कांड के पीड़िता के परिजनों लाने का निर्देश जिला प्रशासन को दिया था सर्किट हाउस में घंटों इंतजार करने के बाद जिला प्रशासन पीड़िता के परिजनों को लेकर नहीं ला पायी जिससे प्रियंक कानूनगों काफी नाराज हो गये। उन्होंने अपनी नाराजगी भी व्यक्त करते हुए कहा कि यदि जिला प्रशासन पीड़िता के परिजनों से नहीं मिला पाएगी तो नाराजगी तो होगी ही। एनसीपीसीआर के चेयरपर्सन से जिला प्रशासन पीड़िता के परिजनों को क्यों नहीं मिला पायी इसका कारण भी बताते है। दरअसल श्रीआमड़ा चौक में हैगिंग कांड की पीड़िता के परिजनों के साथ हजारों आदिवासियों ने श्री आमड़ा चौक को जाम किया था। पीड़िता परिजन अपनी व्यस्था सभी को बता रहे थे। एनसीपीसीआर के अध्यक्ष से जैसे ही पुलिस प्रशासन पीड़िता के परिजनों को जैसे ही फूलो झानों चौक से सर्किट हाउस से पुलिस वाहन मे ंले जाने लगी यहां मौजूद जाम समर्थकों ने इसका विरोध कर दिया। तीन बार पुलिस ने प्रयास किया लेकिन हर बार जाम समर्थकों के विरोध ने पुलिस का विरोध कर दिया। इस कारण एक ओर एनसीपीसीआर के अध्यक्ष इंतजार करते रहे वहीं दूसरी ओर पीड़िता के परिजनों जाम में फंसे रहे। वही जिला प्रशासन चाह कर भी पीड़िता के परिजनों को एनसीपीसीआर के अध्यक्ष से मिला नहींे पायी। दरअसल रानीश्वर थाना क्षेत्र के नाबालिग का शव श्रीआमड़ा में एक पेड़ से लटकता हुआ मिला था। इस मामले में एनसीपीसीआर मिलने के आये थे।