उपराष्ट्रपति ने 81 लोगों को राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कार से किया सम्मानित

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दिल्ली। भारत के पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिये काम करने वाले लोगों को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने विश्व पर्यटन दिवस, 2022 के अवसर पर सम्मानित किया। भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की ओर से आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी. किशन रेड्डी और पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट के साथ पर्यटन मंत्रालय के सचिव अरविन्द सिंह के उपस्थिति में पूरे भारत वर्ष के पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया गया हे। 2018-19 में उद्योग की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए इस वर्ष कुल 81 पुरस्कार दिए गए। उपराष्ट्रपति ने इस अवसर पर इंडिया टूरिज्म स्टैटिस्टिक्स 2022, न्यू इनक्रेडिबल इंडिया ग्लोबल प्रोमोशनल फिल्म्स, और ष्गो बियॉन्डरू 75 एक्सपीरियंस ऑफ नॉर्थ इंडियाष् ई-पुस्तक भी जारी किया। 

पर्यटन देश के आर्थिक विकास और रोजगार सृजन का वाहक

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने भारत को ष्पर्यटन के लिए स्वर्गष् के रूप में वर्णित किया और भारतीयों से अंर्तराष्ट्रीय पर्यटन स्थलों को देखने से पहले घरेलू पर्यटन स्थलों को देखने के लिए कहा। भारत के लंबे सभ्यतागत इतिहास और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जिक्र करते हुए उन्होंने रेखांकित किया कि देश के अधिकांश पर्यटन स्थलों का हमारे इतिहास, लोक कलाओं और प्राचीन ग्रंथों से गहरा संबंध है। उपराष्ट्रपति ने पर्यटन को देश में आर्थिक विकास और रोजगार सृजन का एक प्रमुख वाहक बताया। पर्यटन के विविध आयामों का उल्लेख करते हुए, उपराष्ट्रपति ने चिकित्सा पर्यटन के क्षेत्र में भारत की अपार संभावनाओं के साथ-साथ आयुर्वेद और योग जैसी चिकित्सा की हमारी प्राचीन परंपराओं में बढ़ती वैश्विक रुचि का पूरी तरह से लाभ उठाने की आवश्यकता पर बल दिया। देश में पर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए, उन्होंने कहा कि पर्यटन के बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ देखो अपना देश और उत्सव पोर्टल जैसी नवीन पहल की गई है।

जिम्मेदार एवं समावेशी विकास कर रहा है भारत का पर्यटन उद्योग

केन्द्रीय पर्यटन मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत का पर्यटन क्षेत्र रचनात्मक, जिम्मेदार और समावेशी विकास की ओर बढ़ रहा है। पर्यटन मंत्रालय पर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए 360-डिग्री परिप्रेक्ष्य और समग्र दृष्टिकोण के साथ काम कर रहा है। पर्यटन मंत्रालय के साथ-साथ नागरिक उड्डयन मंत्रालय, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय और वाणिज्य मंत्रालय भी इस क्षेत्र के विकास के लिए काम कर रहे हैं, जिससे बेहतर तालमेल और समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी जिससे स्थायी और विश्व स्तर के बुनियादी ढांचे का विकास हो सकेगा।

उन्होंने कहा कि ष्2023 में अपनी अध्यक्षता के दौरान भारत खुद को बड़े पर्यटन केंद्र के तौर पर स्थापित करने की कोशिश करेगा। भारत को वैश्विक स्तर पर ऐसी जगह के तौर पर पेश करेंगे, श्जहां जरूर घूमने जाना चाहिएश्। सर्किट आधारित रेलों के लिए 3600 रेलवे डिब्बों का आवंटन किया गया है। रामायण और बुद्ध सर्किट के लिए ऐसी रेलें शुरू भी हो चुकी हैं। जबकि कृष्ण सर्किट के लिए एक रेल जल्दी शुरू होने वाली है। हमारा लक्ष्य भारत को दुनिया के लिए एक अहम घूमने की जगह बनाना है।ष् केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी भारतीय पर्यटन के ब्रांड एंबेसडर के तौर पर काम कर रहे हैं।

पर्यटन नीति 2022 से विकसित होगा पर्यटन उद्योग

पर्यटन राज्यमंत्री अजय भट्ट ने सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी और कहा कि पर्यटन मंत्रालय ने विकास और खुशहाली के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहे नए भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखकर राष्ट्रीय पर्यटन नीति 2022 बनाई है। इस नीति का लक्ष्य देश में पर्यटन का विकास, पर्यटन उद्योगों को सहायता देना, पर्यटन समर्थित कार्यक्रमों को मजबूत करना और पर्यटन के उप क्षेत्रों का विकास करना है।

आजादी के अमृत महोत्सव पर राष्ट्रय पर्यटन पुरस्कार 

पर्यटन सचिव अरविन्द सिंह ने कहा कि इस तरह के पुरस्कारों से पर्यटन और यात्रा क्षेत्र को बढ़ावा मिलता है। यह क्षेत्र दुनिया के सबसे बड़े आर्थिक क्षेत्रों में से है, जिससे दुनियाभर में खुशहाली बढ़ती है और निर्यात उत्पादित होता है। कोरोना के बाद भारतीय पर्यटन क्षेत्र आर्थिक विकास का एक अहम आधार बनकर उभरा है। जब भारत अपनी आज़ादी के 75 साल पूरा होने का जश्न मना रहा है, तब पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार ने 27 सितंबर, 2022 को आज़ादी के अमृत महोत्सव के प्रतिष्ठित सप्ताह के आयोजन की शुरुआत और इस उद्योग में शामिल लोगों की कोशिशों की सराहना की और राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कार बांटे।

राज्य सरकारों को भी दिया गया है पुरस्कार 

यह राष्ट्रीय पुरस्कार यात्रा, पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री के भिन्न हिस्सों को दिए गए। इनमें राज्य सरकारें भी शामिल हैं। इसका उद्देश्य उनकी कोशिशों का सम्मान करना और एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना है ताकि पर्यटन के विकास के लक्ष्य को पूरा किया जा सके। बीते सालों में यह पुरस्कार यात्रा, पर्यटन और सरकार क्षेत्र में प्रतिष्ठित पहचान का माध्यम बनकर उभरा है। 

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