मजदूरों के पलायन को रोकने के लिए उन्हें स्थानीय तौर पर रोजगार से जोड़े: प्रमुख*
विकास कार्यों में मजदूरों के बजाय मशीन का इस्तेमाल किए जाने पर नाराजगी जताई, कहा संबंधित पंचायत के कर्मी पर होगी कार्रवाई
बासुकीनाथ। जरमुंडी प्रखंड प्रमुख बसंती मुर्मू एवं उप प्रमुख प्रयाग मंडल के द्वारा जरमुंडी प्रखंड स्थित चावल गोदाम के अलावा प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान जरमुंडी प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में गोदाम के द्वारा भेजे जाने वाले चावल वितरण में अनियमितता का मामला प्रकाश में आया। प्रखंड प्रमुख ने गोदाम में कार्यरत एवं बीआरसी के द्वारा प्रतिनियुक्त कर्मियों से आवश्यक पूछताछ की एवं पिछले अक्टूबर एवं नवंबर माह के भेजे गए चावल का लेखा-जोखा प्राप्त किया। इस दौरान बीआरसी कर्मी चावल से संबंधित पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं करा पाए। इस पर प्रखंड प्रमुख बसंती मुर्मू ने नाराजगी जाहिर करते हुए प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी से संबंधित पूर्ण विवरण यथाशीघ्र कार्यालय में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इसके पश्चात प्रखंड प्रमुख एवं उपप्रमुख ने प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण किया एवं मौके पर मौजूद विद्यालय के सचिव एवं सहायक शिक्षकों से विद्यालय के नियमित रूप से संचालन को लेकर निर्देश दिया। इस दौरान उन्होंने चोरखेदा, खरबिल्ला, हरिपुर बाजार पंचायत क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया। प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभुकों को तय समय में आवास पूर्ण कराने, सिंचाई कूप, जलमीनार निर्माण कार्य व अन्य विकास कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने का मौके पर मौजूद पंचायत सचिव एवं रोजगार सेवक को सख्त निर्देश दिया। प्रखंड प्रमुख बसंती मुर्मू ने कहा कि जरमुंडी प्रखंड में क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मौके पर मौजूद पंचायत सेवक, रोजगार सेवक से गुणवत्तापूर्ण तरीके से कार्य कराने एवं प्रवासी मजदूरों, मनरेगा जॉब कार्ड धारी मजदूरों को उनके गांव के समीप ही कार्य उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। मजदूरों के पलायन को रोकने के लिए उन्हें अधिक से अधिक मनरेगा कार्यों से जोड़े जाने का निर्देश दिया। प्रमुख ने कहा कि अगर मजदूरों को स्थानीय तौर पर ही रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा तो वह अन्यत्र पलायन क्यों करेंगे। उन्होंने प्रखंड क्षेत्र के कुछेक स्थानों में मनरेगा के कार्यों में, मिट्टी मोरम के कार्यों में, तालाब खुदाई के कार्यों में जेसीबी का इस्तेमाल किए जाने की शिकायत मिलने पर कड़ा रुख अपनाते हुए इस दिशा में जांच कर लाभुक एवं कार्यकारी एजेंसी एवं संबंधित पंचायत के सचिव व रोजगार सेवक पर कड़ी कार्रवाई करने की बात कही। ग्रामीणों ने प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न स्थानों में नवनिर्मित जल मीनार के द्वारा जलापूर्ति नहीं किये जाने की शिकायत की। जिस पर प्रमुख ने जलमीनार निर्माण से जुड़े कार्यकारी एजेंसी को यथाशीघ्र समस्या का समाधान करने का निर्देश दिया। इस मौके पर संबंधित पंचायत के पंचायत सचिव, रोजगार सेवक, स्थानीय ग्रामीण व विभिन्न योजनाओं के लाभुक एवं अन्य मौजूद थे।
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