बसंतराय। प्रखंड क्षेत्र के सुस्ती पंचायत के महेशपुर गांव में 6 सरकारी हैंडपंप करीब एक वर्ष से खराब पड़ा हुआ है। हैंडपंप मरम्मत कराने की दिशा में नहीं तो पहले वाले पंचायत प्रतिनिधि ध्यान दिए और न ही वर्तमान पंचायत के प्रतिनिधि ध्यान दे रहे हैं। यदि समय रहते आवश्यक कार्रवाई नहीं हो गई तो इस बार गर्मी में पेयजल के लिए मारामारी होगी। पानी के लिए हाहाकार मचेगा। इसका संकेत गर्मी के शुरुआत से ही मिलने लगा है। हालात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि फरवरी माह में ही गर्मी का एहसास मिलने लगा है। बसंतराय प्रखंड क्षेत्र में पानी की किल्लत बढ़ने लगी है। जबकि भीषण गर्मी अभी बाकी है। विकास के नाम पर केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा लाखों करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद सरकार ग्रामीण क्षेत्र के लोगों प्यास बुझाने में नाकाम हो रही है। विभाग द्वार चापाकल के मरम्मत के नाम पर लाखों रुपए निकासी की जाती है, लेकिन हैंडपंप ठीक नहीं होता है। ग्रामीणों ने बताया कि खासकर नदी का बालू उठाव के कारण 170 से 160 फीट नीचे चापाकल का पाइप गया है, फिर भी एक बूंद पानी नहीं निकल रहा है लगभग सभी घरों का चापाकल पूरी तरह सूख गया है। ग्रामीण इधर उधर से पानी लाकर अपना काम कर रहे हैं।