हेमंत सरकार हमारी मांगों पर जल्द विचार करेगी : प्रदेश प्रभारी
पाकुड़। झारखंड प्रदेश संयुक्त शिक्षक मोर्चा के तत्वावधान में राजभवन के समक्ष अंतर जिला स्थानांतरण, सभी ग्रेड में प्रोन्नति, एम ए सी पी लागू करने, छठे वेतन विसंगति को दूर करने, योजना मद में बाहल उर्दू शिक्षकों को गैर योजना मद में स्थानांतरित करने,गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने समेत 13 सूत्री मांगों को लेकर मांगों को लेकर एकदिवसीय धरना कार्यक्रम का आयोजन किया गया। धरना कार्यक्रम एकीकृत गृह जिला स्थानांतरण शिक्षक संघ से जुड़े सैकड़ों शिक्षकों ने धरना कार्यक्रम में पहुंच कर अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया।
शिक्षक अपने जिले में नियुक्ति की अहर्ता रखते : दिलीप राय
धरना में पहुंचे एकीकृत गृह जिला स्थानांतरण शिक्षक संघ के प्रदेश प्रभारी दिलीप कुमार राय ने कहा कि एक साथ काउंसलिंग नहीं कराए जाने के कारण शिक्षकों की नियुक्ति अपने जिले से दूर दूसरे जिलों में हो गई। जबकि शिक्षक अपने जिले में नियुक्ति की अहर्ता रखते थे। जिस जिले में काउंसलिंग हुई वहां टेट सर्टिफिकेट को जब्त कर लिया गया। नियुक्ति के समय यह प्रावधान था कि दूसरे जिलों में पांच साल सेवा पूरी करने के बाद अंतर जिला स्थानांतरण का लाभ ले सकते हैं। लेकिन अंतर जिला स्थानांतरण का मौका दिए वगैर 2019में नियमावली संशोधित कर दी गई। हम शिक्षकों के लगातार आंदोलन और मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री से निवेदन के फलस्वरूप शिक्षक स्थानांतरण नियमावली में 2022 में संशोधन किया गया इसके बावजूद अभी तक एक भी शिक्षक-शिक्षिकाओं को स्थानांतरण का लाभ नहीं मिल पाया। पांच साल में दो बार नियमावली संशोधित किया गया लेकिन नियमावली में इतना पेंच लगा दिया गया है कि सामान्य परिस्थियों में शिक्षकों का स्थानांतरण नहीं हो सकता है। शिक्षक शिक्षिकाओं को दूसरे जिलों में भाषायी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है वहीं परिवार से दूर रहने के कारण शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। सबसे महत्वपूर्ण कार्य बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने में भाषा बाधक साबित हो रही है। अगर शिक्षकों को उनके अपने गृह जिले में पदस्थापित किया जाता है तो प्राथमिक शिक्षा में गुणात्मक सुधार होगा वहीं सरकार पर एक रूपए का वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।
इन्होंने भी किया संबोधित
संघ के प्रेम प्यारे लाल, गौरव झा, राम रंजन महतो, त्रिवेणी रजक, साईम शेख, किशोर कुमार, अशोक आर्य, सुखदेव लोहरा, रोजलिन एक्का, प्रेमलता तिग्गा, सुमित लकड़ा, विमल कुमार साहू, बासुदेव उरांव, देवेन्द्र यादव, चैतन्य महतो, जालेश्वर महतो, नीरज कुमार सिंह, भुनेश्वर सिंह, खेमलाल महतो, रामेश्वर मरांडी, राजेश कुमार, समेत अन्य शिक्षकों ने धरना को संबोधित किया।
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