गोड्डा। पोड़ैयाहाट प्रखंड क्षेत्र के पिंडराहाट गांव के 15 वर्षीय किशोर अभिषेक कुमार की कुछ लोगों द्वारा पीट-पीटकर बेरहमी पूर्वक की गई हत्या के खिलाफ सोमवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। ग्रामीणों ने अगियामोड़ में शव को सड़क पर रखकर जाम कर दिया। ग्रामीण काफी उत्तेजित थे। ग्रामीण अभिषेक के कातिल को फांसी दो का नारा लगा रहे थे। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी आनंद मोहन सिंह समेत अन्य पदाधिकारियों ने समझा-बुझाकर करीब तीन घंटे बाद सड़क जाम समाप्त कराया।
मालूम हो कि अभिषेक अपनी विधवा मां का इकलौता पुत्र था। करीब तीन वर्ष पूर्व उसके पिता की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई थी। पिता का साया उठ जाने के बाद अभिषेक अपनी मां का एकमात्र सहारा था। सड़क जाम के दौरान उसकी मां अपने बेटे के कातिल को फांसी देने की मांग करते हुए बार-बार बेहोश हो जा रही थी। सड़क जाम में लगे ग्रामीणों का गुस्सा पुलिस प्रशासन के प्रति भी दृष्टिगोचर हो रहा था। ग्रामीणों का कहना था कि घटना के तीन दिन बाद भी हत्याकांड में संलिप्त किसी अपराधी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। सड़क जाम के दौरान ग्रामीण अपराधियों का नाम ले लेकर पुलिस को कोस रहे थे। भारतीय जनता पार्टी के नेता चमक लाल मंडल ने अभिषेक की हत्या में शामिल रहे सभी अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने एवं फास्ट ट्रायल कोर्ट में सुनवाई करते हुए अविलंब कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। बताते चलें कि अपने पिता के निधन के बाद अभिषेक पढ़ाई के साथ ही कमाई भी कर रहा था। देवघर जिला अंतर्गत मोहनपुर थाना क्षेत्र के शिवनंदन मंडल की ससुराल पिंडराहाट में है। उन्होंने अपने ससुराल के बगलगीर गांव लिट्टी में जमीन लीज पर ली है और खेती बाड़ी का काम कर रहे हैं। लीज पर ली गई जमीन में आलू लगी है, जिसकी देखभाल अभिषेक कुमार एवं विभीषण मंडल करते थे। दोनों खेत पर बने एक झोपड़ी में रहकर फसल की रखवाली करते थे। ग्रामीणों का कहना है कि बंजर पड़ी जमीन पर लहलहाती आलू की फसल को देखकर लिट्टी गांव के कुछ दबंग आदिवासियों को बर्दाश्त नहीं हो रहा था। बताया जाता है कि लिट्टी गांव के रंजीत हांसदा की अगुवाई में गांव के 8- 10 लोग गुरुवार की रात्रि खेत पर पहुंचकर रंगदारी की मांग करने लगे। विरोध करने पर अभिषेक एवं विभीषण के साथ बर्बरता पूर्वक मारपीट की गई। घटना में अभिषेक गंभीर रूप से जख्मी हो गया था। उसी दिन रात्रि उसे पहले पोड़ैयाहाट सीएचसी एवं उसके बाद गोड्डा सदर अस्पताल इलाज के लिए लाया गया था। लेकिन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसे कोलकाता रेफर कर दिया गया। कोलकाता के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। घटना के संबंध में घायल विभीषण कुमार के बयान पर देवडांड़ थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। ग्रामीणों का कहना है कि इस बर्बर हत्याकांड में शामिल हत्यारों की गिरफ्तारी के प्रति पुलिस सुस्त बनी रही। सोमवार को सड़क जाम समाप्त होने के बाद अभिषेक की शव यात्रा निकली। मौके पर काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। आरएसएस से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता सुभाष चंद्र यादव ने भी अभिषेक की अर्थी को कंधा दिया। श्री यादव ने सोशल मीडिया पर अभिषेक हत्याकांड को लेकर स्थानीय विधायक के मौन पर करारा तंज कसते हुए कहा है कि वोट बैंक खराब होने के डर से स्थानीय जनप्रतिनिधि इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं।
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