52 घंटे बाद सौरभ पराशर ने समाप्त किया आमरण अनशन 

19 जनवरी को होने वाला गोढ़ी विवाह भवन का डाक बंदोबस्ती अगले आदेश तक के लिए किया गया स्थगित

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गोड्डा। नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत गोढ़ी विवाह भवन की डाक बंदोबस्ती के खिलाफ 10 जनवरी से आमरण अनशन शुरू करने वाले क्रांतिकारी युवा सामाजिक कार्यकर्ता सौरभ पराशर ऊर्फ बच्चू झा ने करीब 52 घंटे के बाद गुरुवार को संध्या करीब 6.30 बजे अनशन समाप्त किया। अनशन स्थल पर दंडाधिकारी के रूप में मौजूद प्रखंड कल्याण पदाधिकारी दिलीप सिंह ने श्री सौरभ को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया।
प्रभारी अनुमंडल पदाधिकारी सह नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी मनोज कुमार ने 19 जनवरी को होने वाला डाक बंदोबस्ती अगले आदेश तक स्थगित करने संबंधी पत्र विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशन के लिए जनसंपर्क विभाग को भेज दिया है। इस पत्र की प्रतिलिपि मिलने के बाद श्री पराशर ने अनशन स्थल पर मौजूद शहर के बुद्धिजीवियों के अनुरोध पर आमरण अनशन समाप्त किया। श्री पराशर ने कहा कि यदि विवाह भवन की डाक बंदोबस्ती की प्रक्रिया फिर से शुरू की गई, तो उसके खिलाफ वे फिर आमरण अनशन पर बैठेंगे। अनशन समाप्ति के मौके पर विभिन्न दलों से जुड़े राजनीतिक कार्यकर्ताओं के अलावे अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद थे। उपस्थित लोगों में मुख्य रूप से वरिष्ठ अधिवक्ता सह आम आदमी पार्टी के जिला संयोजक सर्वजीत झा, कांग्रेस के जिला सोशल मीडिया प्रभारी राकेश रोशन, कांग्रेस के प्रखंड अध्यक्ष विनय ठाकुर, भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष पवन कुमार झा, राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित अवकाश प्राप्त शिक्षक माधव चंद्र चौधरी, अवकाश प्राप्त बैंक कर्मी सुनील झा, बिधुकर झा, अश्विनी कुमार बबलू आदि मौजूद थे।
बताते चलें कि गोढ़ी विवाह भवन का निर्माण सांसद निशिकांत दुबे द्वारा अनुशंसित सीएसआर फंड से वर्ष 2019 में कराया गया है। जिला प्रशासन द्वारा इस भवन के रखरखाव की जिम्मेवारी नगर परिषद को सौंपी गई है। इस विवाह भवन से निम्न एवं मध्यम वर्गीय लोगों को शादी विवाह के लिए बुक करने पर काफी फायदा होता है। कम राशि में उपलब्ध होने वाला यह विवाह भवन कम आय वाले लोगों के लिए वरदान से कम नहीं है।
लेकिन इस बीच नगर परिषद द्वारा इस विवाह भवन को 20 वर्ष के लिए बंदोबस्त करने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। इसके डाक की तिथि पहले 10 जनवरी निर्धारित की गई थी, जिसे बढ़ाकर 19 जनवरी किया गया। अब उसे अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। डाक की शर्तों में यह उल्लिखित है कि डाक बोलने वाले को 50 लाख रुपये सुरक्षित राशि के रूप में जमा करना होगा। इतनी भारी-भरकम राशि सुरक्षित राशि के रूप में जमा करने का अर्थ यह निकाला जा रहा है कि बंदोबस्त हो जाने पर इस भवन का डाक लेने वाले व्यावसायिक उपयोग करेंगे। शादी विवाह के लिए बुक करने पर लोगों को भारी भरकम राशि अदा करनी होगी। नगर परिषद के इस फैसले के खिलाफ जिले के प्रायः सभी राजनीतिक दलों ने मोर्चा खोल दिया है। मोर्चा खोलने वालों में सांसद निशिकांत दुबे भी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा है कि इस भवन का निर्माण उन्होंने गोड्डा के गरीबों के लिए करवाया है। इसे कमाई का साधन बनने नहीं देंगे।

नहीं होना चाहिए बंदोबस्त: बिंदु मंडल
जिला 20 सूत्री समिति की उपाध्यक्ष सह जिला कांग्रेस समिति की पूर्व अध्यक्ष बिंदु मंडल का कहना है कि गोढ़ी विवाह भवन से गरीबों को शादी विवाह के मौसम में काफी राहत मिलती है। कम राशि अदा कर यह भवन बुक हो जाता है। गरीबों को राहत मिलती है। इस भवन की बंदोबस्ती हो जाने पर गरीबों को कम खर्च पर भवन मिलना मुश्किल हो जाएगा। श्रीमती मंडल ने कहा कि गोढ़ी विवाह भवन किसी भी हाल में बंदोबस्त नहीं होना चाहिए।

बंदोबस्ती की प्रक्रिया गलत: राजेश मंडल
झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय समिति सदस्य सह पूर्व जिला अध्यक्ष राजेश मंडल ने कहा है कि गोढ़ी विवाह भवन किसी भी हाल में बंदोबस्त नहीं होना चाहिए। यह सरकारी भवन सरकारी नियंत्रण में ही रहना चाहिए। शादी विवाह के मौसम में यह भवन गरीबों के लिए काफी लाभकारी सिद्ध होता है।
उन्होंने नगर परिषद के क्रियाकलापों के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए कहा कि नगर परिषद अनियमितता एवं भ्रष्टाचार का अखाड़ा बन गया है। जनहित का कार्य करने के बदले जन विरोधी कार्य किया जा रहा है। जनता के टैक्स एवं सरकार के अनुदान राशि का जमकर दुरुपयोग किया जा रहा है। जांच होने पर नगर परिषद के जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की कली खुल जाएगी।
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