नामचीन नेताओं को नहीं आने पर ग्रामीणों में आक्रोश
निरसा I फ्रेड कोरिडोर निर्माण (रेलवे विस्तारीकरण) को लेकर बुधवार को काफी संख्या में पुलिस बल और आरपीएफ की उपस्थिति में कुमारधुबी स्टेशन से सटे मेढ़ा पंचायत के नया नगर, औघड़डंगाल के 39 घरों पर रेलवे ने बुलडोजर चलाया। हालांकि मासस नेता मुन्ना यादव और मुखिया मनोज राउत ने रेलवे की कार्रवाई का विरोध किया लेकिन टीम एक न सुनी। रेल लाइन से 264 फीट तक अतिक्रमण को हटाया गया। पिछले तीस वर्षों से लोग यहां घर और जुग्गी झोपड़ी बनाकर रह रहे थे। आशियाना छिन जाने के बाद लोग बेघर हो गये हैं। आंखों से छलकते आंसू को रोकते हुए ग्रामीणों ने कहा कि एक-एक तिनका चुनकर किसी तरह से आशियाना खड़ा किया था। जो पल भर में बिखर गया। ग्रामीणों ने कहा कि आज सांसद, विधायक, पूर्व विधायक कोई नहीं आए। इनके आश्वासन के बाद भी रेलवे ने उन्हें बेघर कर दिया। रेलवे द्वारा हटाए जाने के दौरान एक भी नामचीन नेता सामने नहीं आए। ग्रामीणों में इन नेताओं के प्रति आक्रोश व्याप्त है। कहा कि नेताओं ने अपने वोट बैंक के लिए आजतक सिर्फ झूठी आश्वासन देता रहा। कहा कि झारखंड सरकार और रेलवे को जुग्गी झोपड़ियों में रह रहे लोगों को पहले पुनर्वास की व्यवस्था होनी चाहिए थी। इसके बाद बुलडोजर चलाना चाहिए था। अब वे बाल बच्चों को लेकर कहां जाएंगे। रेल अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि अतिक्रमण मुक्त करने के लिए ग्रामीणों को पांच बार नोटिस दिया गया था। लेकिन किसी ने स्वयं से जगह खाली नहीं किया। अंत में मैथन पुलिस और आरपीएफ की उपस्थिति में उन्हें जबरन हटाया गया। कहा कि फ्रेड कोरिडोर के तहत यहां विद्युत सबस्टेशन का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए अतिक्रमण हटाया गया।