बंद पड़े ढीबरा को राज्य सरकार की ओर से वैधानिक दर्जा दिलाने की मांग को लेकर प्रदर्शन ,शामिल हुए पूर्व मुख्यमंत्री

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गिरिडीह।तीसरी गांवा एवं देवरी में बंद पड़े ढिबरा को राज्य सरकार की ओर से वैधानिक दर्जा दिलाने की मांग को लेकर मंगलवार को भाजपाइयों ने उपायुक्त कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में मुख्य अतिथि के तौर पर राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी मुख्य रूप से उपस्थित थे इस दौरान कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिला अध्यक्ष महादेव दुबे ने किया। इस प्रदर्शन के माध्यम से भाजपाइयों ने राज्य सरकार से नियोजन नीति लागू करने बालू चालू कराने कोयला तस्करी पर रोक लगाने महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार पर रोक लगाने तुष्टीकरण की नीति बंद करने झारखंड की खनिज संपदा को लूटने से बचाने की मांग की। इस दौरान राज्य में लगातार गिरते कानून व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ जमकर निशाना साधा गया। वही तीसरी गांव देवरी से आए महिलाओं ने टोकरी में ढिबरा लेकर प्रदर्शन किया ।लोगों को संबोधित करते हुए प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जब से झामुमो और कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार राज्य में बनी है तब से मनमानी और गरीबों के साथ अत्याचार किया जाता है। उन्होंने कहा कि गैरमजरूआ और रेयती जमीन पर ढीबरा चुनने वालों के खिलाफ पैसे के लिए फॉरेस्ट वाले कार्रवाई करते हैं जो बिल्कुल गलत है। कहा कि बिहार सरकार के समय से जो एक्ट लागू है वही आज भी चल रही है। ऐसी परिस्थिति में फॉरेस्ट और पुलिस को केस करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को विधानसभा सत्र में भी उठाया जाएगा। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र राय ने कहा कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार में जनता त्रस्त है अत्याचार चरम पर है महिलाओं का शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा की हम लोगों ने भी ढिबरा चुनने का काम किया है सरकार जिस तरह से गरीब जनता को पकड़कर परेशान करती है। सरकार हम लोगों को भी गिरफ्तार करके दिखाएं। इस दौरान पूर्व सांसद रविंदर राय, विधायक केदार हाजरा, निर्भय कुमार शाहवादी आदि ने भी संबोधित किया। मौके पर लक्ष्मण सिंह, पूर्व विधायक नागेंद्र महतो, दिनेश यादव, चुन्नू कांत, सुरेश साव, अशोक उपाध्याय, प्रकाश सेठ, विनय सिंह, कामेश्वर पासवान आदि सैकड़ों संख्या में महिला पुरुष और जिले के लोग मौजूद थे।
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