रैय्यतों को भूमि के बदले नौकरी व मुआवजा देने में सीसीएल प्रबंधन कर रही है रंगबाजी : शिवलाल महतो
चरही। सीसीएल हजारीबाग क्षेत्र के तापिन साउथ परियोजना में लोकल सेल को विगत नवंबर को दो गुटों में विवाद होने की हवाले देते हुए सीसीएल प्रबंधन द्वारा लोकल सेल को बंद किया गया था। एवं कहा गया कि जबतक दोनो गुटों के बीच आपसी सहमति नहीं बनती है तबतक अनिश्चितकाल के लिए कोल डंप बंद रहेगा। परंतु बीते गुरुवार को सीसीएल द्वारा जेएसएमडीसी के कोयला उठाव हेतु बिना सहमति के तापिन साउथ कोल डंप को चालू कर दिया गया। बिना सहमति के कोल डंप चालू करने व छः सूत्री मांग को लेकर विस्थापित प्रभावित संघर्ष मोर्चा के बैनर तले मजदूरों ने टीएसओसीपी माइंस का चक्का जाम कर दिया। सुबह में ही कोल डंप के मजदूरो ने चेक पोस्ट के पास पहुंच कर ट्रांसपोर्टिंग को रोक दिया। हालांकि मौके पर पहुंचे प्रशासन के कहने पर चक्का जाम के निर्णय को वापस लिया गया। इसके बाद वही धरना स्थल के पास मजदूर बैठ गए जहां निरंतर 186 दिनों से धरना प्रदर्शन जारी है। बाद में कोल डंप के सभी मजदूर भी उनके समर्थन में धीरे धीरे आ गए। विस्थापित प्रभावित संघर्ष मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष शिवलाल महतो आंदोलन स्थल पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि कोल डंप में एक हजार से ज्यादा मजदूर व उनके स्वजनों की रोजी रोटी चलती है। इनके समक्ष भूखमरी की स्थिति आ जा रही है। सीसीएल प्रबंधन जेएसएमडीसी के नाम पर कोयला उठाव का काम कर रही यदि इसपर निष्पक्ष जांच की जाए तो कई लोग जेल के सलाखों में नजर आएंगे। साथ ही कहा कि जिला प्रशासन की उपस्थिति में त्रिपक्षीय वार्ता कर छः सूत्री मांग पर उचित निर्णय लेने, मजदूरों को अविलंब मजदूरी भुगतान करवाने एवं रैय्यातों की सीसीएल द्वारा अधिग्रहित भूमि के बदले नौकरी व मुआवजा देने की अपील की। मौके पर सैंकड़ों की संख्या में महिला पुरुष उपस्थित थे।
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