जामताड़ा I नारायणपुर प्रखंड क्षेत्र के बांकुडीह पंचायत के गांगुड़ीह में आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन इन दिनों एक निजी खपरेल घर में किया जा रहा है। जबकि संबंधित आंगनबाड़ी केंद्र के लिए एक नव निर्मित भवन का निर्माण कराया गया है।, बाबजूद सेविका के निजी आवास में केंद्र का संचालन किया जा रहा है।, और संबंधित विभाग इस बात बिल्कुल बेखबर है। जनकारी के अनुसार बांकुडीह पंचायत के गांगुडीह,बांका, और तारासाठिया गांव आपस में सटे रहने के कारण तीनों टोला का एक ही आंगनबाड़ी में संचालन किया जाता है। जबकि उक्त आंगनवाड़ी केंद्र का संचालन करने के लिए एक निजी भवन का निर्माण मनरेगा विभाग के द्वारा कराया गया है जिसकी लागत करीबन चार लाख रुपए है। जिसका योजना संख्या 3412004002/AV/7080901169044 हैं। जिसका भुगतान अब तक कुल 408133 रूपए तक कर लिया गया है। जिसके बावजूद भी अभी तक केंद्र का काम अधूरा पड़ा हुआ है, केंद्र के बाहरी बाहरी दीवारों का प्लास्टर कर के रंग रोहन कर दिया गया है और अंदर से केंद्र का जमीनी एवं किचन रूम और बाथरूम अधूरा पड़ा हुआ है। उक्त गांव का पड़ताल करने के लिए रिपब्लिक नेशन का संवादाता जब वहां पहुंचा तो उक्त केंद्र पर बच्चे अनुपस्थित देखें, घर में आवाज देने पर पता चला की सेविका बच्चों को घर घर पोलियों की खुराक पिलाने गई है।, वही घर के बाहर आंगनबाड़ी केंद्र की संख्या आदि बोर्ड नही लगा दिखाई पड़ा, वही मौके ग्रामीण महिला ने नाम नहीं प्रकाशित करने के शर्त से बताया कि केंद्र का संचालन निजी घर में होने के कारण किसी को नही पता चल पाता है की आंगनबाड़ी केंद्र में क्या हो रहा है और क्या नही और पोसाहर खिचड़ी आदि भी बना है या नही, वही गांगूडीह की इतनी बड़ी आबादी होने के बाबजूद जितना बच्चों का उपस्थिति होना चाहिए उतना नही होता है। और एक वर्षों से भी अधिक नई आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण होने के बाबजूद अब तक उक्त केंद्र उपयोग नहीं किया जाता है। और अभी तक अधूरा पड़ा हुवा है।
क्या कहते हैं इस मामले प्रखंड विकास पदाधिकारी सह सीडीपीओ प्रभाकर मिर्धा
मामले का जानकारी नहीं था अगर ऐसा कुछ हुआ है तो जांच किया जाएगा और संबंधित जेई से स्पष्टीकरण पूछ कर काम को पूरा कराया जाएगा।