स्थानीय ट्रांसपोर्टरों ने डीबीएल कंपनी द्वारा वादाखिलाफी को लेकर डीसी एवं एसपी को सौंपा ज्ञापन।
डीबीएल कंपनी पुलिस प्रशासन के समक्ष किए वादे से मुकर रही हैं
पाकुड़। जिले के अमड़ापाड़ा पचुवाड़ा सेंट्रल कोल ब्लॉक के एमडीओ डीबीएल कंपनी के खिलाफ पाकुड़ के कोलाजोड़ा, पचुवाड़ा रांगा केवट टोला, पोखरिया के गायबथान और अमड़ापाड़ा दुर्गा मंदिर से पीपीएल मोड़ तक डीबीएल कंपनी के वादा के खिलाफ मशाल जुलूस स्थानीय ट्रांसपोर्टर एवं ग्रामीण वेंडर के द्वारा कंपनी के वादाखिलाफी के खिलाफ में जन आक्रोश मशाल जुलूस निकाला गया। इससे पूर्व स्थानीय वेंडर ने डीबीएल कंपनी द्वारा वादाखिलाफी को लेकर डीसी एवं एसपी को ज्ञापन सौंपा गया। ट्रांसपोर्टरो ने बताया कि हम लोगों को डीबीएल कंपनी के द्वारा वादा क्या था कि आप लोगों को सभी वर्क आर्डर, ट्रांसपोटिंग वेंडर सहित अन्य काम पाकुड़ जिले के लोगों को दिया जाएगा। लेकिन कंपनी एक सिंगल व्यक्ति जो कि धनबाद के माँ तारा ट्रांसपोर्टिंग कंपनी को ट्रांसपोर्ट एवं वेंडर का काम देना चाहती है। लेकिन हम लोग डीबीएल कंपनी को मनमानी करने नहीं देंगे। कंपनी के मनमानी के विरोध में ही यह मशाल जुलूस निकाला गया है। उन्होंने कहा कि आदिवासी बहुल पचुवाड़ा सेंट्रल कोल ब्लॉक में खनन कंपनी डीबीएल के द्वारा सरकारी नियम एवं कानूनों का उल्लंघन करते हुए पुलिस को धता बताते हुए साजिश के तहत स्थानीय लोगों को शोषण करने का काम किया है। आपको बता दें कि 3 दिसंबर को डीडीसी ऑफिस के सभागार में अनुमंडल पदाधिकारी एवं पुलिस उपाधीक्षक की अध्यक्षता में डीबीएल कंपनी के प्रतिनिधि व ट्रांसपोर्टरों और पीएसपीसीएल के प्रतिनिधियों तथा स्थानीय लोगों की बैठक की गई थी। जिसमें डीबीएल कंपनी के प्रतिनिधियों द्वारा यह वादा किया गया था कि सभी 78 ट्रांसपोर्टरों को लंबित बकाया भुगतान 15 दिसंबर तक एकमुश्त कर दिया जाएगा, और जो भी हमारे पुराने वर्कर है उसे प्राथमिकता देते हुए ट्रांसपोटिंग का काम कार्य आदेश देंगे। पुलिस प्रशासन के समक्ष किए गए इस वादे और निर्णय के उपरांत हम सभी ट्रांसपोर्टरों ने अपने ट्रांसपोटिंग के नाम पर 2 दिसंबर से 20 दिसंबर तक आलूबेड़ा से लौटामारा रेलवे साइडिंग तक कोल परिवहन कार्य किया है जिसकी चालान भी हम लोगों के पास है। कायार्देश और डीजल की मांग करने पर कंपनी ने अपने वादे से मुकरते हुए कहा कि हमारे ऊपर के मैनेजमेंट ने किसी एक व्यक्ति के नाम पर कार्य आदेश जारी किया है। इस पर हम सभी ट्रांसपोर्टरों ने कंपनी से कहा कि कंपनी के 7 वर्षों तक हमारा बकाया अपने पास रखा। हम लोगों का अपना हाईवा लेकर दर- दर भटक रहे हैं। कंपनी के द्वारा जब हम लोग अपना रोजगार के लिए जाते हैं तो उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति को कार्य देश दे दिया गया है। डीबीएल कंपनी के इस शोषणकारी मानसिकता से हम सभी पाकुड़ जिलेवासी अत्यंत दुखी और आक्रोशित और अपने आपको ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। कंपनी ने हमें धोखे में रखकर बरसों से बंद पड़ा पुराना माइंस को चालू करवाया और हमारे रोजगार की अनदेखी कर किसी एक पूंजीपति को कार्य आदेश देकर हम सभी को रोजगार से वंचित कर दिया है। मौके पर पाकुड़, पोखरिया, रांगा टोला और अमड़ापाड़ा के सभी ट्रांसपोर्टर, वेंडर सहित स्थानीय लोगों मौजूद थे।
The short URL of the present article is: https://bharatbulletin.in/888j