गिरिडीह। कहा जाता है कि बच्चों की रक्षा उनको जन्म देने वाली जन्मदात्री से बढ़कर संसार में कोई नहीं कर सकता है।एक मां अपने बच्चों के पालन पोषण में अपने जीवन का होम कर देती है।ऐसी ही एक घटना गिरिडीह जिले में सामने आई है। जिसमें एक मां ने अपनी जान पर खेलकर अपने कलेजे के टुकड़े की जिंदगी को बचा लिया। जिले में बगोदर थाना क्षेत्र के खेतको में साहस का परिचय देते हुए एक महिला ने जान की परवाह किये बिना कुएं मे कूद कर अपने दो वर्षीय पुत्र की जान बचा लिया।दरअसल खेतको पंचायत के तिरंगा चौक के समीप पूजा देवी अपने घर के सामने स्थित कुएं पर स्नान कर रही थी।इस दौरान उसका दो वर्षीय बच्चा शिनु कुमार कुछ दूरी पर खेल रहा था।तभी अचानक महिला का बच्चा खेलते -खेलते कुएं मे दो स्लेप के हिस्से में जा गिरा। जैसे ही महिला की नजर बच्चे पर पड़ी और अपने बच्चे को बचाने के लिए उसने शोर मचाना शुरू कर दिया।साथ ही अपने बेटे की ममता के आगे महिला ने अपनी जान की परवाह किये बिना ही बच्चे को बचाने के लिए कुएं में कूद गई। जिसके बाद महिला साहस का परिचय देते हुए डूब रहे बच्चे को बचाने में कामयाब हुई।तब तक घर के सदस्य और स्वजनो की भीड़ लग गयी। फिर लोगों की मदद से महिला को कुएं में बने लोहे की रॉड की सीढ़ियों के सहारे बच्चे और महिला को बाहर निकला गया।घटना के बाद महिला और बच्चे को गाँव के निजी क्लिनिक में प्राथमिक इलाज हेतु स्थानीय मुखिया शालीग्राम प्रसाद के द्वारा ले जाया गया।महिला के इस शौर्य की चर्चा जिले में चहुंओर की जा रही है।
साहसी महिला ने कुएं में कूद कर 2 वर्षीय पुत्र की बचाई जान, हो रही चहुंओर चर्चा
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