हरियाणा/, (वासु के मेहता हरियाणा पॉलिटिकल ब्यूरो प्रमुख):। मोरनी क्षेत्र के शेरला ताल से जाने वाली सप्लाई मे पानी ने होने के कारण सभी गांव में पीने का पानी नहीं समय से मिल रहा है एक गांव में 10 12 दिन के बाद सप्लाई जाती है आज कुछ लोगों ने सरला ताल बूस्टर पर आकर चुने हुए प्रतिनिधियों के माध्यम से अपनी समस्या रखी और जल्द ही पीने का पानी प्राप्त मात्रा में मिले इसके लिए गुहार लगाई जानकारी के अनुसार जल से ताल की साफ सफाई का कार्य चल रहा है पानी को बाहर निकाला गया उसके बाद ज्यादा संकट पानी का मंडरा रहा है लोगों की मांग है कि यहां पर जल्द से जल्द ट्यूबवेल का कार्य शुरू किया जाए क्योंकि इस एरिया में पानी की मात्रा अधिक है यहां पर लगे हैंडपंप में भी पानी ठीक मात्रा में है यदि संबंधित विभाग चाहे तो इस हेडपंप की जगह गहरा बोर करके इस पानी को पीने के प्रयोग में लाया जा सकता है। हमें उम्मीद है कि जल्द ही संबंधित विभाग सख्त कदम उठाकर समस्या का हल निकालेगा।
गांव सेहत, गड़यों, सौनथल, मखानी, धारला, काजड, मण्डी, चैण के लोगों ने आज इकट्ठा होकर सुरेश पाल पूर्व सरपंच बलजीत सिंह राणा शेरला ताल मे सरकार से मांग की है सेरला ताल में जो हेड पंप लगा हुआ है उसको ट्यूबेल बोर किया जाए। क्योंकि गांव में आजकल 8 और 10 दिन के बाद पानी की सप्लाई बहुत कम मात्रा में जाती है। ताल का पानी गर्मियों में सूख जाता है।
मोरनी इलाका के लिए करोड़ों की जल योजनाओं के बावजूद जनस्वास्थ्य विभाग के कुप्रबंधन के चलते पर्वतीय इलाके मोरनी में आधी मई में ही जनस्वास्थ्य विभाग का जलवितरण सिस्टम बुरी तरह हांफ गया है। अब महकमे के पास लोगो को पूरे हफ्ते पेयजल तक देने के लिए पानी का प्रबंध नही है। और महकमे ने पानी पूरे हफ्ते देने में असमर्थता जता हाथ जोड़ लिए है।
मोरनी में मुख्य जल स्त्रोत घग्घर नदी में आसपास फार्म हाउस बनाए बैठे और कुछ स्थानीय लोगो ने नदी से मोटर लगा पानी उठा लिया है। और विभाग द्वारा दो दर्जन से अधिक, करोड़ो की जल योजनाओं पर खूब पैसा उड़ाने के बावजूद मई के आधे माह में ही पूरे हफ्ते पेयजल उपलब्ध करवाने में बेबसी का ढोल बजाना शुरू कर दिया है।
जबकि लोगो का कहना है की जितना पैसा सरकार ने यहां पेयजल प्रबंधन के लिए दिया उतना पैसा खर्च कर यहां पंचकूला से पानी पहुंच जाता।
लगातार आरोप लगते रहे की यहां स्थानीय स्तर के अधिकारी और विभाग के आला अधिकारियों ने कोई जिम्मेवारी समय रहते नही समझी और स्थानीय लोगो को पेयजल उपलब्ध करवाने को लेकर कोई ठोस कार्ययोजना नही बनाई। बस यहां तैनात अधिकारी ने केवल प्राइवेट होटलों और प्रभावशाली लोगो के फार्मों को पानी देने में ही समय दिया । आम जनता को सुनवाई की तरफ कोई ध्यान नही दिया।
इलाका के लोगो का आरोप है की मोरनी हेडक्वार्टर पर मोरनी प्रभारी जे ई केवल कुछ खास दिन ही आते है। जबकि उनको पूरे हफ्ते हेड क्वार्टर पर मौजूद रहना चाहिए।
विभाग के कार्यकारी अभियंता तो किसी की सुनवाई के लिए फोन तक नही अटेंड करते। यहां की जो पेयजल की सप्लाई चलती भी है स्थानीय कर्मियों की बदोलत ही चल रही है।
मोरनी क्षेत्र के ग्रामीणों ने कहा की यहां कोई अधिकारी मोरनी हेडक्वार्टर पर मौजूद नही होता।मोरनी एरिया मे प्रभारी जेई केवल ठेकेदार के साथ ही आता जाता है।हफ्ते में केवल वीरवार को ही जेई यहां आता है जबकि बाकी दिन हेडक्वार्टर छोटे मुलाजिम ही संभालते है।
लोगो ने मांग की है जो ट्यूबेल पब्लिक हेल्थ द्वारा भोगपुर, थापली, और एक बूस्टर झुलु धारला में लगाए गए है, उनमें बिजली का कनेक्शन न होने की वजह से लोगों को पीने का पानी नहीं दिया जा रहा है। इन ट्यूबवेल को पूर्व विधायक लतिका शर्मा के प्रयास से करोड़ो के बजट से लगाया गया था। मगर गर्मी में पेयजल संकट को लेकर जानते हुए जनस्वास्थ्य विभाग के जेई ,एसडीओ से लेकर कार्यकारी अभियंता तक नींद में रहे। समय रहते अगर ट्यूबवेलो के लिए बिजली कनेक्शन के लिए प्रयास किया होता तो इलाका में मई के आध में ही पानी को लेकर हाहाकार नही मचता।
ग्रामीणों ने बिजली निगम द्वारा कनेक्शन तुरंत करवाने की उपायुक्त पंचकूला से मांग की है ताकि लोगों को पीने का पानी मिल सके।
उधर खंड मोरनी में पानी का सबसे बड़ा स्त्रोत घग्घर नदी का बूस्टर स्टेशन है। जहां से खंड की अधिकतर पंचायतों में पानी की सप्लाई दी जाती है। लेकिन जल स्तर घटते जाने व पानी की खपत बढ़ जाने व गर्मी के कारण नदी में पीने योग्य पानी मे दिन प्रतिदिन कमी होती जा रही है। इस जल संकट से बचने का जागरूकता ही एक मात्र उपाय है यह जानकारी मोरनी चैंबर पर स्टाफ के साथ मीटिंग करते हुए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के रायपुर रानी मंडल अभियंता विनोद कुमार सैनी ने दी। उन्होंने स्टाफ को जल संरक्षण एवं जल वितरण में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए तथा पंचायतों में एरिया के हिसाब से आवश्यकता अनुसार ही पानी की सप्लाई देने की सलाह दी।
इसके साथ उन्होंने मोरनी वासियों से पानी का प्रयोग जरूरत के अनुसार ही करने की अपील की । उन्होंने लोगों से जल संकट के समय मे सहयोग करने के लिए अपील की व कहा की वो पानी को स्टोर करके रखे व जरूरत है अनुसार कम से कम पानी से अधिक से अधिक काम ले। ताकि पानी की समस्या से बचा जा सके। उन्होंने मोरनी की सप्लाई सप्ताह में दी दिन की कटौती करते हुए चार दिन की सप्लाई करने के निर्देश दिए । इसके साथ साथ उन्होंने गर्मी के मौसम को मध्यनजर रखते हुए फील्ड स्टाफ को चेताया कि पानी की सभी लाइने समय अनुसार रिपेयर हो तथा कहीं की भी सप्लाई बाधित न हो । उन्होंने कहा कि जल वितरण प्रणाली का दुरुस्त होना आधी समस्या का समाधान है।
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