
कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के सचिव तथा वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अतिरिक्त प्रभार सचिव अबूबकर सिद्दीक पी., आईएएस से गुरुवार को कृषि एवं वन अराजपत्रित कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर लिपिकीय संवर्ग से जुड़े वर्षों से लंबित सेवा मामलों को प्रमुखता से उठाया। बैठक में सेवा नियमावली के गठन, लंबित पदोन्नति, कैडर प्रबंधन एवं कर्मचारियों के सेवा हितों से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कृषि अराजपत्रित संघ के प्रदेश अध्यक्ष मो. समीउद्दीन ने किया। उनके साथ वन अराजपत्रित के प्रमंडलीय मंत्री एवं राज्य महासंघ के सहायक महामंत्री अरविंद तिवारी, वन विभाग के प्रमंडलीय मंत्री शिवेश कुमार, वन अराजपत्रित के कोषाध्यक्ष ओम प्रकाश, संघर्ष मंत्री संत कुमार झा, राज्य महासंघ के सहायक महामंत्री शैलेन्द्र तिवारी, AIS GEF की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीमती शर्मिला ठाकुर तथा राज्य महासंघ के महामंत्री वीरेंद्र कुमार यादव सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
सेवा नियमावली और पदोन्नति का मुद्दा प्रमुखता से उठा
बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने कृषि, उद्यान एवं भूमि संरक्षण विभाग तथा वन विभाग के लिपिकीय संवर्ग के लिए वर्षों से लंबित सेवा नियमावली का गठन शीघ्र करने और लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को जल्द पूरा कराने की मांग रखी। प्रतिनिधियों ने बताया कि नियमावली के अभाव में कर्मचारियों के सेवा संबंधी कई मामलों का समय पर निष्पादन नहीं हो पा रहा है, जिससे उनके कैरियर की प्रगति प्रभावित हो रही है।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि लंबे समय से पदोन्नति नहीं होने के कारण अनेक कर्मचारी एक ही पद पर वर्षों से कार्यरत हैं। इससे कर्मचारियों में निराशा बढ़ रही है और विभागीय कार्यों की दक्षता पर भी प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से इस दिशा में शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।
सचिव ने दिया सकारात्मक आश्वासन
विभागीय सचिव अबूबकर सिद्दीक पी. ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि कर्मचारियों के सेवा हितों से जुड़े मामलों पर विभाग संवेदनशील है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सेवा नियमावली के गठन एवं लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को विशेष प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा और आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई शीघ्र शुरू की जाएगी।
उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों का समाधान करते हुए प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाना है।
प्रतिनिधिमंडल ने जताया विश्वास
बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल ने विभागीय सचिव के सकारात्मक रुख का स्वागत करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि सरकार कर्मचारियों की वर्षों पुरानी न्यायोचित मांगों पर जल्द निर्णय लेकर कृषि एवं वन विभाग के लिपिकीय संवर्ग को राहत प्रदान करेगी। प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि सेवा नियमावली लागू होने और पदोन्नति प्रक्रिया शुरू होने से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, कार्यकुशलता में सुधार होगा तथा विभागीय कार्यों के निष्पादन में भी तेजी आएगी।