प्रदेश अध्यक्ष अमोद निराला, प्रदेश संयोजक पुष्पेंद्र ठाकुर आंदोलन में लेंगे भाग
पंच सरपंच करेंगे कलम बंद हड़ताल, ग्राम कचहरी को बहिष्कार, देंगे सामूहिक इस्तीफा, पंच सरपंचों के समक्ष "मरता क्या नहीं करता" की स्थिति
पंच सरपंचों को भवनहीन ग्राम कचहरी को सामूहिक ग्राम कचहरी केंद्र अलौली सुपुर्द करने, सम्मान सुरक्षा सुविधा वेतन बीमा भत्ता पेंशन अधिकार देने की ज्वलंत मांग पूरा करें प्रशासन एवं सरकार
*प्रशासनिक तानाशाही, सौतेलापन व्यवहार, अनदेखी के खिलाफ पंच सरपंच संघ अब लड़ेगी आर पार की लड़ाई - किरण देव
भवनहीन ग्राम कचहरी के सरपंच ब्लॉक कार्यालय परिसर के जमीन पर बैठकर चिलचिलाती धूप में करेंगे पंचायत
खगड़िया। बिहार प्रदेश पंच सरपंच संघ के खगड़िया जिला अध्यक्ष सह प्रदेश उपाध्यक्ष किरण देव यादव ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि पंच सरपंचों के ज्वलंत सवाल पंच सरपंचों के सामूहिक ग्राम कचहरी केंद्र भवन अलौली का एसडीओ खगड़िया द्वारा बिना सूचना के जबरन ताला तोड़ने जैसी तानाशाही अव्यवहारिक एवं प्रशासनिक धौंस के खिलाफ एवं कार्यपालक पदाधिकारी नगर पंचायत अलौली के गलत बयान के विरोध में तथा पंच सरपंचों के सम्मान सुरक्षा सुविधा वेतन बीमा भत्ता पेंशन अधिकार देने, दो ढाई वर्षो से लंबित वेतन भुगतान करने, ग्राम कचहरी को सर्व सुविधा संपन्न करने, प्रशिक्षण देने, पंच सरपंचों को अलौली ग्राम कचहरी सामूहिक केंद्र सुपुर्द करने, भवनहीन ग्राम कचहरी को भवन देने सहित 11 सूत्री चीरलंबित मांगों को लेकर 20 मार्च को जिलाधिकारी एवं एसडीओ खगड़िया का घेराव करने तथा 24 मार्च को मुख्यमंत्री विधानसभा का घेराव राज्यव्यापी आह्वान के तहत किया जाएगा।श्री यादव ने कहा कि सरकार एवं प्रशासन त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों का विशेषकर पंच सरपंचों के साथ सौतेलापन व्यवहार कर रही है। वाजिब मांगे पूरा नहीं कर रही है। आश्वासन का घूंट पिला कर ठगने का काम कर रही है। पंच सरपंच के साथ अब “मरता क्या नहीं करता” जैसी स्थिति के कारण अब आर पार की लड़ाई लड़ने को विवश है।श्री यादव ने कहा कि जिला प्रशासन एवं सरकार पंच सरपंचों को सम्मान देने के बजाय अपमानित कर रही है। ग्राम कचहरी से संबंधित मांगों को लेकर विगत वर्षों से लेकर 2 महीना पूर्व भी मांग पत्र जिलाधिकारी सहित तमाम पदाधिकारी एवं सरकार को सौंपा गया, फिर भी कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है, बावजूद लापरवाही अनदेखी अनसूनी की जा रही है। उक्त परिस्थिति में पंच सरपंच संघ कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के लिए विवश होंगे।श्री यादव ने कहा कि पंच सरपंच संघ अब विवश होकर चरणबद्ध आंदोलन के तहत ब्लॉक कार्यालय के परिसर में चिलचिलाती धूप में जमीन पर बैठकर पंचायत करने, कलम बंद हड़ताल करने, ग्राम कचहरी को बहिष्कार करने एवं सामूहिक इस्तीफा देने को निर्णय लेने पर प्रशासन एवं सरकार द्वारा मजबूर किया जा रहा है। जिसका जिम्मेदार सरकार एवं प्रशासन की होगी।श्री यादव ने कहा कि पूरे बिहार के सरपंचों द्वारा पूरे बिहार के सांसद विधायक विधान पार्षद जिलाधिकारी को विगत वर्ष महीने मांग पत्र सौंपा गया किंतु कोई भी जनप्रतिनिधि पदाधिकारी विधानसभा लोकसभा में सवाल तक नहीं उठाया।श्री यादव ने कहा कि एक ही वोट से हम सभी जनप्रतिनिधि जीतते हैं तो फिर एक न्याय करने वाले पंच सरपंचों के साथ अन्याय क्यों ? सरकार एवं प्रशासन जवाब दें।श्री यादव ने कहा कि पंच सरपंचों हत्या, फर्जी केस, धमकी, जानलेवा हमले के शिकार हो रहे हैं। डीजीपी महोदय के आदेश आलोक में पंच सरपंचों को 40 धारा के अंतर्गत ग्रामीण मुकदमे से संबंधित सीओ, थानाध्यक्ष गंभीरता से नहीं लेते हैं।पंच सरपंच संघ के सभी प्रखंड अध्यक्ष राजेंद्र यादव श्रवण कुमार मनोज कुमार पंकज कुमार भगत कुलदीप सिंह रीना देवी बंटी देवी रंजू कुमारी सहित शशिकांत पासवान रंजीत पासवान सिंधु प्रसाद विनोद यादव राकेश यादव इंदु शेखर झा रणवीर यादव, मोहम्मद सुहेल, रंजीत केसरी, दिलीप केसरी, अनुराधा देवी, आदि ने प्रशासन एवं सरकार के प्रति आक्रोश व्यक्त किया।पंच सरपंच संघ के जिला अध्यक्ष किरण देव यादव ने आंदोलन में अधिकाधिक संख्या में भाग लेने का अपील किया।