दुमका। झारखंड की उपराजधानी दुमका के उपायुक्त को हंसडीहा पंचायत के ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने एक पत्र देकर अनुरोध किया है कि पूर्व मुखिया आशा हेम्ब्रम को दोबारा मुखिया का पदभार न दिया जाए। ग्रामीणों ने इसके पीछे कारण बताया है वह काफी रोचक है। ग्रामीणों ने उपायुक्त सहित अन्य पदाधिकारियों को लिखे पत्र में बताया कि आशा हेम्ब्रम हंसडीहा पंचायत की मुखिया थी और उसी दौरान उन्होंने बढ़ैत पंचायत के मुखिया की हत्या करवा दिया था। इसी आरोप में वह जेल चली गयी। कुछ दिन पहले हाई कोर्ट से जमानत मिला है। जमानत पर निकलने के बाद मुखिया आशा हेम्ब्रम ने दोबारा मुखिया का पदभार लेने का प्रयास शुरू कर दिया। जिसका पंचायत के 11 वार्ड सदस्य औंर 4 ग्राम प्रधान विरोध कर रहे थे। पंचायत के ग्रामीण भी आशा को प्रभार नहीं देने का समर्थन कर रहे है लगभग 200 से 250 ग्रामीणों ने हस्ताक्षर करके आवेदन पदाधिकारियों को दिया और आशा हेम्ब्रम को दोबारा मुखिया का पदभार न देने की मांग रखी है। लोगों ने यह भी दावा किया है आशा हेम्ब्रम अभी इस मामले में आरोपी है और सिर्फ उसे जमानत मिला है। आने वाले समय में जिला प्रशासन इस मामले में क्या निर्णय लेती यह काफी दिलचस्प है।
मुखिया हत्याकांड के आरोपी को मुखिया न बनाने की मांग
The short URL of the present article is: https://bharatbulletin.in/c0j5