बेतिया। लगभग 30 माननीय निगम पार्षदो द्वारा नगर आयुक्त के खिलाफ़ जांच कराने हेतु आवेदन सौंपा गया।सवाल यह उठता है की उनके कार्यकाल से लेकर अबतक जितनी खरीदारी हुई है आख़िर वो इसका ब्योरा क्यों नहीं दे रहे हैं ?अगर खरीदारी या अन्य व्यय नियमसंगत तथा पारदर्शिता के साथ हुई है तो उसे सार्वजनिक करने में क्या दिक्कत है ? गायत्री देवी उपमहापौर का कहना है कि मैंने पिछले महीने ही नगर आयुक्त से पत्र लिखकर अबतक की आय व्यय की जानकारी मांगी थी,लेकिन नगर आयुक्त ने ये कहकर मना कर दिया की आपको कोई भी जानकारी उपलब्ध नही कराई जायगी क्योंकि आप उप_महापौर हैं आपको कोई जानकारी नहीं मिल सकती , अगर आपको कोई जानकारी लेनी है तो महापौर से मांगे हम उनके आदेश से कोई जानकारी देंगे । फिर मैंने महापौर से भी जानकारी मांगी लेकिन फिर भी अभी तक कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई ।अंततः लगभग 29 माननीय निगम पार्षदो ने पत्र लिखकर जानकारी ही नहीं जांच करवाने की मांग कर दी। उनका कहना है कि ये संख्या और बढ़ेगी क्योंकि बहुत सारे पार्षदगण बेतिया से बाहर हैं ।अब प्रश्न उठता है की ये जांच कब तक होता है??क्युकी पाथ्या कम्पनी को दिए गए 48 घंटे का दिया हुआ अल्टीमेटम खत्म होने के बाद भी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराना एक गंभीर सवाल खड़ा करता है ।
बेतिया नगर निगम में भ्रष्टाचार की जांच कराने को लेकर निगम पार्षदों द्वारा मेयर को आवेदन पत्र सुपुर्द
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