देवघर। राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस के अवसर पर रोहिणी स्थित स्टडी सेंटर के सभागार में एक सेमिनार का आयोजन किया गया।इस सेमिनार में विभिन्न कक्षा के दर्जनों छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर पर्यावरण प्रदूषण की समस्या तथा इसके दुष्परिणामों को विस्तार पूर्वक समझा। सेमिनार की शुरुआत करते हुए संस्था के निदेशक ब्रज किशोर पांडेय ने बताया कि पर्यावरण प्रदूषण केवल भारत के लिए ही नहीं अपितु संपूर्ण विश्व के लिए चिंता का विषय है। पृथ्वी सिर्फ हमारी नहीं है बल्कि भविष्य की विरासत है,जिसे हमने अपने वंशजों से उधार लिया है।
ज्ञात हो कि 1984 में भोपाल गैस त्रासदी के दौरान कीटनाशक फैक्ट्री से मिथाइल आइसोसाइनेट का रिसाव हुआ था, जिसमें हजारों लोग मारे गए थे। पीड़ितों की याद में हर वर्ष 2 दिसंबर को राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस के रुप में मनाया जाता है।
शिक्षिका अदिति ने कहा कि आज पर्यावरण प्रदूषण के कारण जलमंडल,स्थलमंडल तथा वायुमंडल दूषित हो चुका है,नई-नई बीमारियां फैल रही है,ओजोन परत में लगातार क्षय होता जा रहा है। इससे बचाव के लिए संसाधनों का दोहन कम तथा वृक्षारोपण ज्यादा करना चाहिए। कार्यक्रम में रिया, प्रियलता,काजल, प्रियंका,हर्ष, सागर एवं सूरज की भूमिका सराहनीय रही।
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