गिरिडीह। झारखण्ड पशुपालन विभागीय एआई कर्मचारी संघ के आह्वान पर शुक्रवार को जिले के सभी एआई कर्मचारियो ने पांच सूत्री मांगों को लेकर समाहरणायलय परिसर में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान बताया गया कि गिरिडीह जिला पशुपालन विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत सिद्धार्थ कुमार द्वारा पशुपालन पदाधिकारी की मिलीभगत से एआई कर्मी का जालसाजी कर एआई एवं टीकाकरण का करोड़ो रूपए गबन कर लिया गया। इस संबंध में उपायुक्त को जांच के लिए आवेदन भी सौपा गया। लेकिन तत्परता से जांच-पड़ताल नहीं हो रही है। बताया कि विभाग द्वारा मानदेय 15 सौ रुपए बाधित कर दिया गया है, वह भी हड़प लिया गया है। जांच की मांग करने के बावजूद भ्रष्टाचार के माध्यम से संचिका को दबा दिया गया। इस दौरान एआई कर्मचारियों ने अपनी मांगों में राज्य स्तर पर वरीयता सूची तैयार कर एआई कार्यकर्ता की नियमावली तैयार करने और तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग के रिक्त पद पर वरीयता के आधार पर नियुक्ति में प्राथमिकता देकर न्यूनतम मजदूरी के आधार पर मानदेय निर्धारित की मांग की गई। धरना को संबोधित करते हुए मुख्य संरक्षक अशोक कुमार सिंह ने कहा कि पशुपालन विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार व्याप्त है। यही कारण है कि किसी भी प्रकार की भ्रष्टाचार के उजागर होने पर संचिका को दबा दिया जाता है। कहा कि ईमानदारी से जांच हो तो अधिकांश अधिकारी के नाम भ्रष्टाचार में खुलकर सामने आएंगे। बताया गया कि इन्हीं सब मामलों को लेकर 23 जून को महामहिम राज्यपाल कार्यालय रांची में धरना दिया जायेगा। राजेश कुमार महतो ने कहा कि अपने अधिकार की रक्षा करने के लिए लगातार संघर्ष के माध्यम से आवाज बुलंद करेंगे। मौके पर लखन प्रसाद रजक, मेघलाल मंडल, चंदन कुमार, अमित कुमार वर्मा, मनोज कुमार वर्मा, कमलेश राणा, प्रेमचंद्र राय, अमित कुमार, महेंद्र प्रसाद वर्मा, अजय कुमार, नवलेश कुमार, मोहित महतो, निरंजन कुमार समेत सैकड़ों एआई कर्मचारी मौजूद थे।
करोड़ो रूपए गबन कर लिए जाने को लेकर एआई कर्मचारी संघ का प्रदर्शन
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