ललमटिया। ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) की सर्वाधिक उत्पादन क्षमता वाली राजमहल परियोजना, ललमटिया जमीन संकट का गंभीरता पूर्वक सामना कर रही है। जमीन संबंधी समस्या के कारण कोयला उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। परियोजना की विस्थापन एवं पुनर्वास नीति संबंधी विसंगतियों के कारण ग्रामीण जमीन देना नहीं चाह रहे हैं। परिणाम स्वरूप परियोजना के विस्तार पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। बुधवार को एक बार फिर ईसीएल की राजमहल परियोजना, ललमटिया के कोयला खादान के विस्तार के लिए जिला प्रशासन द्वारा बसडीहा मौजा की अधिगृहित जमीन पर 144 धारा लागू कर खदान विस्तार के लिए रास्ता बनाने का कार्य प्रारंभ किया गया, जो ग्रामीणों के पुरजोर विरोध के कारण और असफल रहा। इस दौरान बसडीहा, तालझारी समेत इस इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। प्रशासन द्वारा धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई थी। लेकिन विरोध में पारंपरिक हथियारों से लैस हजारों आदिवासी जुट गए थे। परियोजना का विरोध करने के लिए जुटे हजारों आदिवासियों की भीड़ में महिलाएं, बच्चे, वृद्ध एवं जवान सभी तबके के लोग शामिल थे।
प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को समझाने बुझाने का हर संभव प्रयास किया गया। प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को जमीन देने के लिए समझाने के मोर्चे पर कतिपय आदिवासी अधिकारियों को भी लगाया गया। लेकिन राजमहल परियोजना प्रबंधन से खार खाए बैठे ग्रामीणों ने अधिकारियों की एक भी नहीं सुनी।
सैकडों पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में जेसीबी से खादान विस्तार कार्य के लिए रास्ता बनाने का कार्य शुरू किया गया। लेकिन भारी-भरकम पुलिस बल एवं धारा 144 की घोषणा के बावजूद भेरेंडा, पहाडपुर, तालझारी गांव के हजारों की संख्या में आदिवासी महिला, पुरुष जुट गए और पुरजोर विरोध करने लगे।मौके पर ग्रामीण और प्रशासन की वार्ता ग्रामीण की ओर से नेतृत्व कर रहे रविलाल हेंब्रम ने कहा कि राजमहल परियोजना भेरेंडा मौजा की सीमा से 50 फीट जमीन छोड़कर काम करे, जिसपर सहमती बनी। वार्ता के बाद परियोजना प्रबंधन द्वारा बसडीहा मौजा की जमीन मापी करना शुरू किया, तो ग्रामीणों ने मापी करने से रोक दिया। ग्रामीणों का कहना था कि सारी जमीन की मापी होगी, इसके बाद यहां मापी होगा। जिला प्रशासन की मौजूदगी में बसडीहा मौजा के अधिगृहित जमीन पर खादान विस्तार के लिए रास्ता बनाने का कार्य जारी रहा। मौके पर महागामा एसडीओ सौरभ कुमार भुवानियां, महागामा के एसडीपीओ शिव शंकर तिवारी, जिला खनन पदाधिकारी मेघलाल टुडू, पुलिस निरीक्षक कमलेश प्रसाद, थाना प्रभारी चंद्र शेखर सिंह के अलावा राजमहल परियोजना जीएम रमेश चन्द्र महापात्रा समेत ईसीएल के दर्जनों अधिकारी उपस्थित थे।
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