जुटेंगे देश भर के वैज्ञानिक, प्रोफेसर और चिंतक
रांची। मोरहाबादी मैदान, रांची में 22 फरवरी से 3 मार्च तक पर्यावरण मेला का आयोजन होगा।मेले का उद्घाटन 22 फरवरी को झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति डॉ एसएन पाठक, मंत्री रामेश्वर उरांव तथा रांची के विधायक सीपी सिंह करेंगे। युगांतर भारती और नेचर फाउंडेशन की ओर से आयोजित होनेवाले इस मेले में देश भर के वैज्ञानिक, प्रोफेसर और चिंतकों का भी जुटान होगा। विधायक सरयू राय ने कहा कि यह पर्यावरण से जुड़े मसलों पर एक महत्वपूर्ण आयोजन है। मेले में प्रत्येक दिन शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होगा। प्रत्येक दिन दोपहर बाद पर्यावरण संरक्षण के विभिन्न आयामों से जुड़े विद्वानों और विशेषज्ञों का पर्यावरण संरक्षण के विशिष्ट पहुलओं पर व्याख्यान होगा। संगोष्ठी भी आयोजित की जायेगी। मेला प्रतिदिन सुबह 11 बजे आरंभ होगा और रात्रि 8.30 तक चलेगा। मेला के दूसरे दिन 23 फरवरी को झारखंड के सभी जिलों में हुए चित्रांकन एवं निबंध प्रतियोगिता में शामिल रहे प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर रहे छात्रों के बीच राज्यस्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन होगा, जिसमें विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत एवं सम्मानित किया जायेगा। 24 फरवरी को ‘प्रदूषण और स्वास्थ्य पर इसके कुप्रभाव’ विषय पर संगोष्ठी आयोजित होगी. इसमें कोलकाता के डॉ. मानस रंजन रे शामिल होंगे। 25 फरवरी को ‘पर्यावरण की नीति एवं न्यायिक हस्तक्षेप’ विषय पर संगोष्ठी होगी, जिसकी अध्यक्षता झारखण्ड उच्च न्यायालय न्यायमूर्ति अंबुजनाथ करेंगे। 26 फरवरी को पर्यावरण संरक्षण के ‘पारम्परिक व्यवहार एवं वैश्विक पर्यावरणीय प्रशासन’ विषय पर संगोष्ठी होगी। इसमें भारत सरकार के वन एवं पर्यावरण विभाग के अवकाश प्राप्त महानिदेशक एस.के. कुमार एवं डॉलफिनमैन के नाम से विख्यात तथा माता वैष्णौ देवी केंद्रीय विश्व विद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आर.के. सिन्हा और आई-फॉरेस्ट के निदेशक चंद्रभूषण शामिल होंगे। 27 फरवरी को ‘तकनीक चालित विश्व में जीने का अभ्यास’ विषय पर संगोष्ठी होगी, जिसमें मुख्य वक्ता के रुप में केंद्रीय विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति और आईआईटी, दिल्ली के प्राध्यापक एवं शोधकर्ता प्रो0 एस.ई. हसनैन संबोधित करेंगे। साथ ही नेशलन लॉ यूनिवर्सिटी झारखण्ड के कुलपति प्रो. वरुकुल्ला भी शामिल होंगे. 28 फरवरी को ‘कृत्रिम बुद्धिमता विकास का पर्यावरण पर प्रभाव’ विषय पर संगोष्ठी होगी। 1मार्च को ‘पुर्नचक्रण एवं टिकाव विकास’ विषय पर संगोष्ठी होगा। 2 मार्च को स्वास्थ्य एवं ‘पर्यावरण संरक्षण पर सीएसआर एवं सीईआर की भूमिका’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। 3 मार्च को मेले का समापन होगा।इस अवसर पर प्रख्यात चिंतक गोविंदाचार्य के व्याख्यान से मेले का समापन होगा।
The short URL of the present article is: https://bharatbulletin.in/et2y