निरसा I निरसा मासस कार्यालय में रविवार को मासस कार्यकर्ताओं की बैठक हुई। 14 अप्रैल को शहीद गुरुदास चटर्जी की शहादत दिवस पर अधिक से अधिक संख्या में देवली पहुंचने की तैयारी पर चर्चा की गई। अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष टुटुन मुखर्जी और संचालन सचिव गुमताज अंसारी ने की। पार्टी के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सह पूर्व विधायक अरुप ने कहा कि मासस अपने स्थापना काल से ही समाज में दबे कुचले, मेहनतकश वर्ग, समाज में वंचित लोगों के लिए लड़ाई लड़ रही है। स्व गुरुदास चटर्जी ने शोषण, जुल्म और अत्याचार करने वाले माफियाओं से समझौता नहीं किया। वे आजीवन मजदूरों और ग्रामीणों की लड़ाई लड़ते रहे। शोषक वर्ग ने गरीबों की आवाज को दबाने के लिए उनकी हत्या कर दी। आज जब देश कारपोरेट के इशारे पर मजदूरों के अधिकार छिने जा रहे हैं। श्रम कानूनों को समाप्त किया जा रहा और सरकारी कंपनियों का निजीकरण हो रहा है। ऐसी स्थिति में उनके द्वारा छेड़ी गई लड़ाई को आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आज देश में अघोषित आपतकाल जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। जनता में जनतांत्रिक अधिकार छिने जा रहे हैं। सरकार की नकामियों को उजागर करने वाले लोगों ईडी और सीबीआई का भय दिखाया जा रहा है। देश में महंगाई, बेरोजगारी चरम पर है। कोरपोरेट घराने देश को दोनों हाथों से लूट रहे हैं। लेकिन सरकार इस पर चर्चा नहीं करना चाहती और संप्रदायिक मुद्दे में उझलकर मूल मुद्दों से भटकाना चाहती है। बैठक में पांच सौ कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। संबोधित करने वालों में आगम राम, कार्तिक दत्ता, दिल मोहम्मद, लालू ओझा, दिनेश सिंह, अजय पासवान, सूरज दास, निरंजन गोराई साधन चटर्जी, तारापद गोप, निमाई गोराई, रमाकान्त भण्डारी, रावण महतो, मिहिलात सोरेन, मणिशंकर सेन, भीम गोराई, वंशीधर मंडल, भरत बाउरी, नारायण बाउरी, शंकर सिंह, कुंज बिहारी मिश्रा, कृष्णा रजक, काजल चन्द्रा, जयदेव पात्र, हरे राम, मो रव्वानी, कमाल हुसैन, बासुदेव महतो आदि थे।
आज देश में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति : अरुप
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