झारखंड के राज्यपाल ने दुमका के बंदोबस्त कार्यालय में लिपिक आदिल के खिलाफ जांच का आदेश दिया

झारखंड के राज्यपाल ने दुमका के बंदोबस्त कार्यालय में पदस्थापित लिपिक मो. आदिल के खिलाफ जांच का आदेश जारी कर दिया है। यह आदेश हिन्दू क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश चन्द्र गंधर्व की शिकायत के बाद जारी किया गया।

प्रकाश चन्द्र गंधर्व ने राज्यपाल को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि भ्रष्टाचार के आरोप में जेल जाने के बावजूद मो. आदिल के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बंदोबस्त कार्यालय के अधिकारी मो. आदिल को महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त कर रहे हैं, जबकि आदेश था कि उसके खिलाफ नियम संगत कार्यवाही की जाए।

प्रकाश चन्द्र गंधर्व ने अपने पत्र में लिखा कि मो. आदिल को रंगे हाथ रिश्वत लेते पकड़ा गया था और जेल भेजा गया था। इसके बावजूद उसे बंदोबस्त कार्यालय के महत्वपूर्ण दस्तावेजीकरण में लगाया गया है, जहां भ्रष्टाचार की संभावना अधिक है। उन्होंने राज्यपाल से मांग की थी कि मो. आदिल का तबादला कर उसके पूरे कार्यकाल की जांच कराकर उचित कार्यवाही की जाए।

इस मामले में झारखंड सरकार के कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग के उपसचिव ब्रज माधव ने संताल परगना के प्रमंडलीय आयुक्त को जांच कराते हुए कार्यवाही का आदेश दिया है। संताल परगना के आयुक्त इस मामले की जांच करेंगे और आवश्यक कार्यवाही करेंगे।

प्रकाश चन्द्र गंधर्व ने मो. आदिल के खिलाफ संताल परगना के आयुक्त को एक और आरोप पत्र भेजकर आरोप लगाया कि आदिल ने भ्रष्टाचार करके करोड़ों की संपत्ति जमा की है और उसके खिलाफ प्रशासनिक कार्यवाही भी लंबित हैं। इसके बावजूद बंदोबस्त पदाधिकारी उसके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं।

मो. आदिल हमेशा से सुर्खियों में रहा है और एक बार फिर प्रशासनिक कार्यवाही के लिए पत्राचार किया जा रहा है। हालांकि, दुमका के बंदोबस्त कार्यालय के निम्न वर्गीय लिपिक होने के कारण मो. आदिल के बच जाने की संभावना जताई जा रही है।

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