पाकुड़। जिला के महेशपुर में अवैध लकड़ी का काला कारोबार चरम सीमा पर है। प्रशासन का लाख प्रयास करने के बावजूद लकड़ी माफिया प्रशासन के नाक के नीचे से लकड़ी का काला कारोबार जोर शोर से कर रहे है। जिले के महेशपुर प्रखंड के विभिन्न इलाकों से इन दिनों अवैध लकड़ी की ढुलाई का कारोबार जोरों से चल रहा है। प्रखंड के शहरग्राम,पोखरिया, धारणी पहाड़, पीर पहाड़ आदि क्षेत्र तस्कर के लिए सेफजोन बना हुआ है। लकड़ी माफिया इन इलाकों के आदिवासी क्षेत्र के लोगों को बहला-फुसलाकर तथा चंद पैसों का लालच देकर पहाड़ों तथा जंगलों के अच्छी पेड़ को रात भर कटाई कराते हैं और सुबह सुबह मोटरसाइकिल, पिकअप, भूट भूटीया या जुगाड़ वाहन में लोड कर , लड़की को शहरग्राम-राजग्राम मुख्य सड़क से पश्चिम बंगाल पहुंचाते है और लकड़ी की मुंह मांगी दाम पाते है। रोजाना लाखो का कारोबार चल रहा है लकड़ी माफियाओं का। सूत्र के द्वारा यह भी पता लगता है की स्थानीय प्रशासन का भी इन खेलों में खुल कर साथ है। सब कुछ आदेश और कृपा से ही तो संभव है। तभी तो अवैध लकड़ी का काला कारोबार महेशपुर थाना क्षेत्र में खूब फल फूल रहा है। जहां एक तरफ सरकार जल जंगल जमीन, पहाड़ को बचाने की बातें दिन रात करती है और पेड़ लगाओ पेड़ बचाओ का अभियान भी चला रहे हैं वहीं दूसरी और कुर्सी में बैठे जिम्मेदार अपने स्वार्थ के लिए जल जंगल जमीन, पहाड़ के अस्तित्व को खतरे में डाल अपने जेब गर्म करने में लगे हुए हैं। जिस तरह सबकी मिलीभगत से लकड़ी माफिया बेखौफ होकर पहाड़ों और जंगलों के पेड़ों की कटाई कर रहे हैं ऐसा लगता है कि अब वह दिन दूर नहीं है की महेशपुर के पहाड़ों तथा घने जंगलों की खूबसूरती अब कागज में ही रह जाएंगे।
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