साल बागान टोला में गहराया पेयजल संकट व जर्जर सड़क की समस्या से जुझने को मजबूर है ग्रामीण

14

(संवाददाता), फतेहपुर, (जामताड़ा) I  फतेहपुर प्रखंड के शिमलाडंगाल पंचायत अंतर्गत मुरीडीह गांव के आदिवासी बहुल साल बागान टोला के लोग पेयजल संकट की समस्या से जूझ रहे हैं! यहां आदिवासी समुदाय के 150 से ज्यादा लोग रहते हैं! इस टोले में एक सौलर चलित जल टंकी भी है जो 2 वर्षों से बंद पड़ा हुआ है। कहने को तो गांव में तीन चापाकल भी अवस्थित है, लेकिन घंटों मशक्कत के बाद ही उसमें से पानी निकलता है! वहीं टोला में पेयजलापूर्ति योजना के तहत पाइपलाइन तो बिछा दिया गया है लेकिन उसमें प्रतिदिन पानी नहीं आने से ग्रामीणों के बीच शुद्ध पेयजल के लिए काफी परेशानी उत्पन्न हो जाती है! यही नहीं गांव के सड़क की स्थिति भी जर्जर अवस्था में है! बरसात के दिनों में सड़क इतनी खराब हो जाती है कि ग्रामीणों को पैदल चलना भी दूभर-सा लगता है! दो पहिया व चार पहिया वाहन गांव के भीतर प्रवेश भी नहीं कर पाती हैं! इस संबंध में ग्रामीणों ने बताया कि हमलोग कई बार शिकायत किए है, लेकिन अभी तक कोई हल नहीं हुआ है! अतः ग्रामीणों ने सरकार से अविलंब मूलभूत सुविधाओं में पेयजल सुविधा तथा पक्की सड़क मुहैया कराने की मांग की है! अब देखना यह है कि कब तक संबंधित विभाग ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल हेतु तीनों चापाकलों की मरम्मत व जल टंकी को पुन: चालू तथा पक्की सड़क मुहैया कराती है!

क्या कहते हैं ग्रामीण :-

सैफाली मरांडी, (ग्रामीण छात्रा) :-  2 वर्षों से जल टंकी खराब पड़ा हुआ है! कहने को तो गांव में 3 चापाकल है, लेकिन नाममात्र का है, जिसे घंटो चलाने के बाद पानी निकलता है! वही गांव की सड़क की स्थिति काफी खराब है, बरसात के दिनों में तो और भी नारकीय स्थिति हो जाती है!

शिवधन सोरेन, (ग्रामीण):– हमलोगों के बीच इन दिनों पानी की काफी किल्लत हो गई है, सौलर चलित जलटंकी व सभी चापाकल खराब है! इस संबंध में सभी को शिकायत भी किए है, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है!

बासंती मरांडी,( ग्रामीण) :- गांव में सड़क जर्जर रहने के कारण आवागमन में काफी कठिनाई हो रही है! कई बार वाहन चालक गिरकर घायल भी हो गए हैं!

निरंजन राय, (ग्रामीण) :- ग्रामीण पेयजलापूर्ति योजना के तहत पाइप लाइन बिछाकर हर घर तक नल तो पहुंचा दिया गया है, लेकिन प्रतिदिन पानी नहीं आने से हम लोगों के बीच भारी पेयजल की समस्या उत्पन्न हो जाती है!

The short URL of the present article is: https://bharatbulletin.in/hjq4

Leave a Comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *