बबाय दा ने श्रीश्री ठाकुर की लिखी तीन पुस्तकें 'सत्यानुसार', 'द मैसेज' और 'पुरुषोत्तम' भेंट की
बबाय दा के कहने पर कि बांग्लादेश में उनकी पैतृक संपत्ति पर कब्जा कर लिया गया है के जवाब में गृहमंत्री ने शीघ्र ही सुखद समाचार सुनने का दिलाया भरोसा
देवघर। दो दिवसीय देवघर प्रवास के दूसरे दिन केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र श्री श्री अनुकूल चंद्र ठाकुर के सत्संग आश्रम पहुंचे।गृह मंत्री सबसे पहले ठाकुर बाड़ी गए जहां सत्संग आश्रम में वह श्रीश्री ठाकुर के प्रपौत्र आचार्य देव अर्कद्युति चक्रवर्ती ‘बबाय दा’ से मिले। लगभग दस मिनट तक के बातचीत में बबाय दा ने कहा कि बांग्लादेश में उनकी पैतृक संपत्ति पर कब्जा कर लिया गया है। बबाय दा ने आग्रह करते हुए कहा कि यदि पैतृक संपत्ति कब्जा मुक्त करा लिया जाये तो वहां श्रीश्री ठाकुर का स्मारक बनवाते। इसको लेकर गृह मंत्री ने भरोसा दिलाते हुए कहा कि सरकार इस बात को लेकर गंभीर है। इस दौरान आचार्य देव ने उन्हें श्रीश्री ठाकुर की लिखी तीन पुस्तकें भेंट कीं। इनमें गुजराती में अनुवाद की गई ‘सत्यानुसार’, अंग्रेजी में लिखी ‘द मैसेज’ और हिंदी में लिखी ‘पुरुषोत्तम’ भेंट की।
गृहमंत्री की पत्नी सोनल शाह भी उनके साथ थीं। आचार्य देव की पत्नी ने उनको वस्त्र भेंट किए। आचार्य देव ने गृहमंत्री को आश्रम के बारे में जानकारी दी। यह भी बताया कि कैसे अखंडित भारत और संप्रति बांग्लादेश के पावना से उनके पूर्वज यहां आए और यहीं के होकर रह गए।
आश्रम को लेकर व्यक्त की प्रतिक्रिया
आज देवघर में श्री श्री ठाकुर अनुकूलचंद्र जी के सत्संग आश्रम जाने का सौभाग्य मिला।
अनुकूलचंद्र जी न सिर्फ एक दार्शनिक थे बल्कि चिकित्सक भी थे, उनका जीवन गरीबों के कल्याण के प्रति समर्पित रहा।आश्रम में उनके परपौत्र आचार्य देव अर्कद्युति चक्रवर्ती जी से मिलने का अनुभव सुखद रहा।
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