बालू के बिना देवघर एम्स का निर्माण कार्य पन्द्रह दिनों से बंद

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देवीपुर।  कबीर दास की उक्ति अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान देवीपुर देवघर पर बिल्कुल फिट बैठता है।मोहे सुन आवै हांसी पानी में मीन प्यासी।आतम ज्ञान बिना नर भटके ,कोई मथुरा कोई काशी।मिरगा नाभी बसे बन बन भटके उदासी।सुन सुन आवै हांसी पानी में मीन प्यासी। यही हाल है देवीपुर स्थित एम्स का।अजय पतरो नदियों से घिरा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान देवीपुर देवघर इन दिनों सरकार के लाल फीताशाही का शिकार बन कर रह गया है।पन्द्रह दिनों से बालू के अभाव में सभी प्रकार के निर्माणाधीन भवनों का निर्माण कार्य ठप पड़ गया है।झारखंड सरकार ने एम्स प्रबंधन से एमओयू किया है कि बिजली, पानी, बालू, स्टोन की आपूर्ति झारखंड सरकार सुनिश्चित करेगी।देवीपुर प्रखंड में अजय पतरो नदियों में सैकड़ों घाट है,लेकिन किसी बालू घाट की नीलामी नहीं होने के कारण एम्स प्लास्टिक पार्क समेत कई सरकारी योजाओं का निर्माण कार्य ठप पड़ गया है।अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान देवीपुर देवघर में एक सौ की संख्या डाक्टर की पोस्टिंग भारत सरकार ने कर रखा है।झारखंड सरकार की उदासीनता के कारण एम्स जैसी बड़ी संस्थान अजय पतरो नदियों में बालू की प्रचूर मात्रा में उपलब्धता रहने के बावजूद भी एम्स को बालू नहीं मिल पाना दुर्भाग्यपूर्ण कहा जा सकता है।बालू के अभाव में 750 बेड का हाॅस्पिटल, मेडिकल कॉलेज भवन, गर्ल्स हाॅस्टल,बॉयज हाॅस्टल टू, 4,5 बिल्डिंग, स्टाफ क्वाटर वन और टू,ऑडिटोरियम, कनेक्टिंग रोड आदि बालू के अभाव में काम ठप पड़ गया है।वहीं एम्स के निकट पुनासी जलाशय योजना में जल का अकूत भंडार रहने के बावजूद भी झारखंड सरकार का जलसंसाधन विभाग लापरवाह बना हुआ है।एम्स का चारदिवारी से लेकर भवन निर्माण कार्य 2018 से जारी है।निमाॅण में लाखों गैलन पानी की प्रतिदिन आवश्यकता है।लेकिन भवन निर्माण से लेकर ओपीडी छात्रावास, स्टाफ क्वाटर आदि के लिए एम्स के अन्दर 12 बोरिंग के पानी से किसी तरह काम चलाया जा रहा है।एम्स के निदेशक डा०सौरभ वाषॅन्येय विगत कई बैठकों में एम्स में जलापूर्ति की व्यवस्था कराने के लिए देवघर उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री से आग्रह कर चुके हैं लेकिन अभी तक झारखंड सरकार ने एम्स के लिए पानी की व्यवस्था के लिये अब तक कोई मुक्कमल व्यवस्था नहीं की है।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने झारखंड सरकार को एम्स जैसी बड़ी संस्थान को सौगात के रूप में दी है।लेकिन झारखंड सरकार की उदासीन रवैया के कारण देवीपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान बालू और पानी के संकट से गुजर रहा है।
क्या कहते हैं जिला खनन पदाधिकारी
देवघर डीएमओ राजेश कुमार ने कहा कि एम्स में वैध तरीके से बालू आपूतिॅ का प्रयास किया जा रहा है।इसके लिए हमने खनन निदेशक से बातचीत किया है।अगले चार पांच दिनों में एम्स में बालू आपूर्ति सुनिश्चित कर दी जायेगी।
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