हर समस्या का समाधान संविधान के घेरे में रहकर निकाला जाता है- उपायुक्त

बेतुका बयान बाजी से श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर पड़ता है प्रभाव

अनशनकारियों के बयान बाजी पर उपायुक्त ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

देवघर/ लखराज जमीन के निबंधन और हस्तांतरण के मामले पर अनशन पर बैठे अनशन कारियों के द्वारा दिए गए बयान जिसमें उन्होंने कहा है कि बाबा मंदिर में अधिकारियों की एंट्री नहीं होने दी जाएगी वे मंदिर में पूजा तो कर सकते हैं पर उन्हें कार्य करने नहीं दिया जाएगा। इस बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए देवघर उपायुक्त ने एक रिलीज जारी कर कहा है कि कोई भी समस्या का हल संविधान के घेरे में रहकर निकाला जाता हैं।इस तरह के बेतुका बयान बाज़ी और लोगों को उकसा के क़ानून के ख़िलाफ़ काम नहीं किया जाता।बाबा नगरी में रोज़ हज़ारो, लाखों की संख्या में देश विदेश से श्रद्धालु द्वादश ज्योतिर्लिंग बाबा बैद्यनाथ की दर्शन पूजा के लिए आते हैं।इनकी सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता एवं ज़िम्मेदारी हैं।इस तरह कि बयान से श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर परिणाम पड़ा हैं।इसके लिए कौन जवाबदेह हैं?इस तरह की भाषा एक विशेष वर्ग समाज को प्रतिनिधित्व करनेवाले से उम्मीद नहीं किया जाता यह अत्यंत दुख की बात है।ज़िले के तमाम उच्च पदाधिकारियों को, झूठा खबर भिजवाकर की अनशन तोड़ने वाले हैं,बुलाके अनेक बार घंटों पदाधिकारियों को बेइज्जत किया गया।अभी सूचना मिल रही हैं कि भट्टर धर्मशाला न्यास बोर्ड की संपत्ति हैं।तब यह व्यक्ति अपनी ५ करोड़ पैसे कि गलती के लिये,प्रशासन के साथ गुंडागर्दी पे उतर जाना,कितना जायज़ हैं? इसके लिए क़ानून अपना काम करेगी।रही बात लखराज ज़मीन की ख़रीद बिक्री की मामला इसकी समाधान के लिए क़ानूनी एवं प्रशासनिक पहल किया जा रहा हैं और बहुत जल्दी इसका निदान किया जायेगा।क़ानून अपने हाथ में लेने का अधिकार संविधान किसी को नहीं देती।

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