दर्जनों ट्रैक्टरों के माध्यम से अवैध रूप से हर दिन बालू बिहार की जाती है सप्लाई ,करोड़ों का हो रहा राजस्व नुकसान
जमुआ। जमुआ प्रखंड में अवैध बालू तस्करी लगातार जारी है। बालू उत्खनन को लेकर प्रशासन के जारी आदेश का तस्करों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा रहा है ।
उत्खनन और ढुलाई पर एनजीटी की रोक के बावजूद प्रखंड में बालू की तस्करी बेखौफ हो रही है प्रखंड के विभिन्न अवैध बालू घाटों से प्रतिदिन दर्जनों ट्रैक्टर में बालू लादकर जमुआ प्रखंड या इससे सटे बिहार प्रदेश में जोरो से बेचा जा रहा है प्रखंड के लताकी, बसमता, ,कुरोहोबिन्दो,नारोबाद, पांडेयडीह,दमगी इत्यादि कई घाटों में अवैध रूप से प्रतिदिन दर्जनों ट्रैक्टरों में बालू लादकर उसकी तस्करी की जा रही है अवैध बालू ट्रेक्टर दिन के उजाले में प्रतिदिन जमुआ थाना या नवडीहा ओपी मार्ग के सामने से गुजरते हैं परंतु यह सब देखकर भी प्रशासन मौन है । खनन विभाग व पुलिस की उदासीनता के कारण प्रखंड तथा आसपास के क्षेत्र के विभिन्न नदियों में बालू का उत्खनन जोरों पर है। लगातार बालू उठाव की वजह से नदियों का अस्तित्व खतरे में है। यहां तक की कुरहोबिंदो से होकर चित्तरडीह जाने वाले रास्ते में पड़ने वाला उसरी नदी में बने पुल भी इसके चपेट में आकर छतिग्रस्त होने लगा है । वही लताकी पुल पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो चुका है अवैध बालू उठाव से नदी का अस्तित्व खतरे में है। अगर इसी तरह अवैध बालू उठाव पर जल्द काबू नहीं पाया गया तो नदी बिन बालू के रह जाएगा। वहीं इस मामले में प्रशासनिक विभाग एवं खनन विभाग चुप्पी साधे हुए है। दर्जनों घाट से बालू की ढुलाई विभिन्न नदियों से गिरिडीह ,जमुआ व विभिन्न क्षेत्रों में भेजा जाता है।
बता दें की कुरोहोबिन्दो ,लताकी इत्यादि नदी घाट से महज 10 किलोमीटर की दूरी में जमुआ थाना स्थित है वही लगभग 5 किलोमीटर की दूरी में नवडीहा ओपी स्थित है लेकिन प्रशासन बालू कारोबार पर नकल कसने में विफल नजर आ रहे हैं। दर्जनों ट्रैक्टर के माध्यम से हर दिन बालू माफिया बालू की मनमानी दाम वसूल रहे हैं वहीं सरकार की राजस्व में करोड़ों का नुकसान लग रहा है
बालू माफिया ने नाम ना जिक्र करने पर कहा
प्रशासन को हर ट्रैक्टर के हिसाब से पैसा देना होता है इसीलिए हम लोग बेख़ौफ़ बालू का उठाव करते हैं ।
वही खनन विभाग से सम्पर्क करने की कोशिश की लेकिन संपर्क नहीं हो पाया।
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