वरीय पदाधिकारी के हस्तक्षेप पर जरमुंडी थाना में तत्कालीन स्टेशन मास्टर एवं स्टेशन प्रबंधक पर प्राथमिक दर्ज
पीड़िता सरिता देवी ने जरमुंडी थाना में गत वर्ष छह जनवरी 2021 को लिखित आवेदन देकर शिकायत किया था
बासुकीनाथ। बासुकीनाथ रेलवे स्टेशन के पूर्व प्रबंधक चंद्रशेखर प्रसाद और स्टेशन मास्टर राजकमल पर एक वर्ष बीत जाने के बाद एक मामले में जरमुंडी थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामला बीते वर्ष छह जनवरी 2022 की है। इस संदर्भ में बासुकीनाथ रेलवे स्टेशन में कथित रूप से साफ-सफाई का कार्य करने वाली एक महिला सरिता देवी पति नरेश मंडल, ग्राम मेरकोडीह थाना तालझारी ने बासुकीनाथ रेलवे स्टेशन के पूर्व प्रबंधक चंद्रशेखर प्रसाद एवं स्टेशन मास्टर राजकमल पर मारपीट और अभद्र व्यवहार करने को लेकर शिकायत किया था। मामला एक वर्ष तक ठंडे बस्ते में रहने के बाद वरीय पदाधिकारी के हस्तक्षेप किये जाने पर आखिरकार प्राथमिकी दर्ज कर ली गई। दोनों के विरुद्ध जरमुंडी थाना में प्राथमिकी दर्ज किया गया है। इस संदर्भ में पीड़िता सरिता देवी ने अपने आवेदन में बताया है कि उसका पति नरेश मंडल और वह दोनों विगत तीन वर्षों से बासुकीनाथ रेलवे परिसर की सफाई का कार्य स्टेशन प्रबंधक चंद्रशेखर प्रसाद के मौखिक आदेश पर प्राइवेट माध्यम से कर रहे थे। बीते छह जनवरी 2022 दिन के करीब दो बजे जब वह बकाया पैसा मांगने के लिए स्टेशन प्रबंधक के पास गई और पैसे मांगे तो उन्होंने पैसा नहीं आने की बात बताई। सरिता ने बताया कि उसे पिछले एक वर्ष से काम के पैसे नहीं मिले हैं। पैसे की मांग करने पर स्टेशन प्रबंधक चंद्रशेखर प्रसाद ने हाथापाई किया। स्टेशन मास्टर राज कमल ने लात एवं घुसा से प्रहार किया। उसने पैर एवं जांघ पर लाठी से प्रहार कर दिया, जिससे वह गिर गई। सरिता ने बताया कि दोनों के द्वारा उसका ब्लाउज फाड़ दिया गया एवं प्राइवेट पार्ट में भी लात से मारा गया। सरिता ने बताया कि उसे धमकी दी गई की रेल का केस बनाकर उसे फंसा देंगे। इधर इस मामले में पूर्व स्टेशन प्रबंधक चंद्रशेखर प्रसाद ने भी अपना पक्ष रखते हुए बताया था कि उक्त महिला और उसका पति अनाधिकृत रूप से प्लेटफार्म नंबर दो पर पकौड़े की दुकान लगाते थे। वहां शराब पीने वालों की भीड़ लगी रहती थी। डीआरएम का आगमन होनेवाला था। इस दौरान आरपीएफ के जवानों ने दुकान हटवा कर गैस चूल्हा आदि जप्त कर लिया था। स्टेशन मास्टर राजकमल ने भी अपना पक्ष रखते हुए मामले में बताया था कि महिला ने दुकान हटवाने पर प्रतिशोध में ग्रसित होकर झूठा आरोप लगाया है, उसके साथ कोई मारपीट नहीं की गई है महिला के आरोप निराधार हैं।
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