भूमि पूजन के साथ ही देवघर पुस्तक मेला 2023 की तैयारियां शुरू
देवघर। आज शुभ मुहूर्त में मेला स्थल बीएड कॉलेज के ग्राउंड में कथावाचक पूज्य प्रदीप कौशिक जी महाराज के सान्निध्य में पुस्तक मेला का भूमि पूजन किया गया। अध्यक्ष युधिष्ठिर राय, उपाध्यक्ष प्रो. रामनंदन सिंह और सह-संयोजक आरसी सिन्हा की उपस्थिति में मेला प्रभारी आलोक मल्लिक, सचिव निर्मल कुमार और कोषाध्यक्ष राजेश रंजन सिंह ने संकल्प लेकर भूमि पूजन किया जिसमें पवन टमकोरिया ने भी साथ निभाया। इस अवसर पर शहर और समाज के कई पुस्तक मेला आयोजन समिति से जुड़े लोग, समाजसेवी और पुस्तक प्रेमी उत्साहित मन से उपस्थित रहे।
भूमि पूजन के पश्चात मेला प्रभारी ने बताया कि हर वर्ग के पाठकों के लिए पुस्तकों की लगेगी विशाल प्रदर्शनी। उन्होंने आगे बताया कि जूनियर से लेकर सीनियर और उच्च शिक्षा ले रहे छात्रों तथा एसएससी से लेकर सिविल सर्विसेज एवं अन्य प्रतियोगिता की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए उपलब्ध होगी
किताबों की विशाल रेंज मल्टीनेशनल और देश के कई प्रतिष्ठित प्रकाशनों के लगेंगे स्टॉल
मैक्ग्रा हिल इंडिया, पियरसन, क्रोनिकल बुक्स, एस. चांद, दिशा पब्लिकेशन, सिनगैज, कल्याणी, जी. के. कैरियर लॉन्चर, ओरिएंट ब्लैकसन, दृष्टि द विज़न, अग्रवाल ग्रुप ऑफ पब्लिशर्स, एलसेवियर, ओसवाल जैसे प्रकाशक भाग ले रहे हैं। पटना के नेशनल बुक इंटरप्राइजेज को देवघर पुस्तक मेला का सहयोगी बनाया गया है।
साहित्य प्रेमियों के लिए भी सभी प्रतिष्ठित प्रकाशकों के होंगे स्टॉल
नेशनल बुक ट्रस्ट, साहित्य अकादेमी, प्रकाशन विभाग, संगीत नाटक अकादमी, राजकमल, वाणी एवं ज्ञानपीठ, प्रकाशन संस्थान, नई किताब प्रकाशन समूह, सेतु प्रकाशन, प्रलेक प्रकाशन, किताबघर प्रकाशन, यश पब्लिकेशन, सस्ता साहित्य मंडल, प्रतिश्रुति, संकल्प प्रकाशन, मेधा बुक्स, राही प्रकाशन, भारत पुस्तक भंडार, विकल्प प्रकाशन, सत्यम पब्लिशिंग हाउस, उपहार प्रकाशन, श्लोक प्रकाशन, रोहित बुक कंपनी सहित कई बुकसेलर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स के स्टॉल होंगे।
धार्मिक और आध्यात्मिक किताबें भी उपलब्ध होंगे
गीता प्रेस, सत्संग, रामकृष्ण मिशन, ओशो, इस्कोन सहित सभी धार्मिक और सनातन साहित्य की किताबें मेले में उपलब्ध रहेगी। इसके लिए विशेष प्रयास किया गया है।
मेला का थीम होगा – आजादी का अमृत महोत्सव जबकि टैग लाइन होगा – पढ़ेंगे हम बढ़ेगा देश
मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष युधिष्ठिर राय ने कहा कि देवघर पुस्तक मेला का यह बीसवां वर्ष है और इसलिए इसे खास और भव्य स्वरूप देने की कोशिश की जा रही है।
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