झारखंड की उपराजधानी दुमका के जामा प्रखंड में निर्माणाधीन जामा डिग्री कॉलेज के भवन में गड़बड़ी की शिकायत के बाद ग्रामीणों ने इस भवन निर्माण कार्य की देखरेख करने वाले जूनियर इंजीनियर (जेइ) को बुलाया। ग्रामीण सुबह से ही जेइ का इंतजार कर रहे थे। लगभग 20 गांवों के जनप्रतिनिधि और ग्रामीण यहां पहुंचे थे और भवन निर्माण कार्य को लेकर विभागीय अभियंताओं से जानकारी लेना चाह रहे थे कि आखिरकार कार्य किस प्रकार से किया जा रहा है।
यह कार्य झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड, रांची की ओर से कराया जा रहा है और इसके देखरेख दुमका के अभियंता कर रहे हैं। अभियंताओं ने पूर्व में कहा था कि वे गुरुवार को डिग्री कॉलेज जामा के निर्माणाधीन भवन में स्थल पर पहुंचकर पूरी जानकारी देंगे, लेकिन ग्रामीण और जनप्रतिनिधि घंटों इंतजार करते रहे और अभियंता नहीं पहुंचे।
ग्रामीणों ने कहा कि जब तक जेइ नहीं आएंगे, कार्य बंद रहेगा। झारखंड मुक्ति मोर्चा के युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष रामकृष्ण हेम्ब्रम ने बताया कि जेइ को पहले ही सूचित किया गया था कि ग्रामीण आपसे जानकारी लेना चाह रहे हैं और इसलिए वे कार्यस्थल पर आकर जानकारी दें। जेइ ने स्वयं गुरुवार को समय दिया था लेकिन तय समय पर वे नहीं पहुंचे।
इससे ग्रामीण और जनप्रतिनिधि काफी नाराज हो गए। उनका कहना है कि जामा डिग्री कॉलेज पिछड़े क्षेत्र में बन रहा है और यहां गरीबों के बच्चे पढ़ेंगे, इसलिए यदि भवन मजबूत नहीं होगा तो भविष्य में बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहेगी।
बैठक में थानपुर पंचायत के मुखिया शंकर कोल, नावाडीह मुखिया प्रतिनिधि पुरण पुजहर, भटनियां पंचायत समिति सदस्य फिरोज हेम्ब्रम, मुखिया सह युवा नेता जेएमएम कमीशन सोरेन, बाबूपुर के ग्राम प्रधान मनोज टुडू, शिवधन हांसदा, बायलेट हांसदा, सुशील हांसदा, सदानंद तत्वा, और पूर्व मुखिया साबिता सोरेन उपस्थित थे।
ग्रामीणों ने कहा कि जेइ का कार्यस्थल पर नहीं पहुंचना यह दर्शाता है कि कार्य सही ढंग से नहीं किया गया है। इस स्थिति को सुधारने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ग्रामीणों ने आगे भी विरोध जारी रखने की योजना बनाई है।