सरकार की योजनाओं को आम लोगों को तक पहुंचाएं जिलों के उपायुक्त: मुख्यमंत्री

रांची। राज्य भर में विभिन्न विभागों की कई विकास और कल्याणकारी योजनाएं चल रही है। जिलों में इन सभी योजनाओं को धरातल पर उतारने में उपायुक्तों का अहम रोल है। लोगों को इन योजनाओं का लाभ कैसे मिले, इसमें आपको पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करना है । मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आज विभिन्न विभागों के प्रधान सचिव/सचिव की उपस्थिति में जिलों के उपायुक्तों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में यह बातें कही। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास को गति देने के साथ सरकार की योजनाओं को उन लोगों तक पहुंचाएं जिनके लिए इन योजनाओं को बनाया गया है।

सुखाड़ से किसानों मजदूरों को राहत देने का प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियां सुखाड़ की ओर इशारा कर रही है। ऐसे में किसानों -मजदूरों के साथ ग्रामीणों का रोजगार के लिए पलायन बढ़ने की संभावना है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए सरकार कई नई योजनाएं शुरू कर रही हैं। इन योजनाओं का ग्रामीणों को कैसे ज्यादा से ज्यादा लाभ मिले, इसकी रूपरेखा आप को तैयार करना है। मजदूरों को अपने ही घर में रोजगार देने की योजनाओं को गति दें। इसके अलावा सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए सुखाड़ को लेकर बनाई गई योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें ।

प्रधान सचिव/सचिव उपायुक्त के साथ नियमित बैठक
मुख्यमंत्री ने सभी विभागों के प्रधान सचिव/ सचिव को अपने विभागों की योजनाओं को लेकर सभी जिलों के उपायुक्तों के साथ नियमित बैठक करने के निर्देश दिए । यह बैठक ऑफलाइन या ऑनलाइन किसी भी माध्यम में हो सकती हैं। विभागीय सचिव इस दौरान विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट की जानकारी लेंगे ताकि योजनाओं की जमीनी हकीकत का पता चल सके।
कुछ क्षेत्रों में अच्छी उपलब्धि तो कुछ में गति देने की जरूरत

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ क्षेत्रों में विभिन्न जिलों ने अच्छी उपलब्धि हासिल की है तो इसमें कई जिले पीछे भी हैं । ऐसे में जहां विकास की गति धीमी है, उसे तेज करने के लिए सभी ठोस कदम उठाए जाने चाहिये। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उपायुक्तों के सामने कई चुनौतियां होती है । उन्हें समय और परिस्थितियों के अनुकूल तत्काल निर्णय भी लेंगे होते हैं । ऐसे में आप अपने निर्णय को इस तरह लें कि उसका लाभ ज्यादा से ज्यादा राज्य वासियों को हो सके।
मुख्यमंत्री ने ये बातें भी कही
सरकार और ग्रामीणों के बीच संवाद का मॉडल बनाएं। सरकार की योजनाओं को लेकर सभी जिलों में वर्कशॉप का आयोजन हो। सभी विभागीय सचिव क्षेत्र का भ्रमण कर विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन और उसकी गति का नियमित निरीक्षण करें।

The short URL of the present article is: https://bharatbulletin.in/nrzv

Leave a Comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *