बासुकीनाथ में 15 जनवरी को मकर संक्रांति पर बाबा बासुकीनाथ को लगेगा तिल- दही- गुड़ को भोग

पंडा-पुरोहितों व स्थानीय भक्तों द्वारा भोलेनाथ को लगाया जाएगा तिल-दही-गुड़ का भोग

मकर संक्रांति पर वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार 15 जनवरी को भोलेनाथ को लगेगा विशेष भोग

IMG-20230114-WA0049
IMG-20230114-WA0046
बासुकीनाथ। बासुकीनाथ मंदिर में इस वर्ष ज्योतिषीय गणना व पंचांग के अनुसार सर्वसम्मति से 15 जनवरी दिन रविवार को मकर संक्रांति के पावन अवसर पर स्थानीय पंडा- पुरोहितों व भक्तों के द्वारा भोलेनाथ को तिल-दही-गुड़ का विशेष भोग लगाया जाएगा। मकर संक्रांति को लेकर 14 जनवरी एवं 15 जनवरी के असमंजस की स्थिति को लेकर शुक्रवार को बासुकीनाथ मंदिर परिसर में बासुकीनाथधाम पंडा धर्मरक्षिणी सभा के सदस्यों की एक बैठक सभा के अध्यक्ष मनोज पंडा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। इस बैठक में सर्वसम्मति से पंचांग एवं गणना के अनुसार निर्णय लिया गया कि 14 जनवरी शनिवार को रात्रि में आठ बजकर 43 मिनट पर मकर संक्रांति की शुरुआत होगी। मकर संक्रांति का पुण्य काल मुहूर्त 15 जनवरी को सुबह छह बजकर 47 पर प्रारंभ होगा और इसका समापन शाम पांच बजकर 40 मिनट पर होगा। वहीं महापुण्य काल सुबह सात बज कर 15 मिनट से सुबह नौ बजकर छह मिनट तक रहेगा। इस मौके पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि उदय तिथि के अनुसार मकर संक्रांति इस बार 15 जनवरी दिन रविवार को मनाई जाएगी। रविवार को ही मकर संक्रांति के नियम का अनुपालन किया जाएगा। धर्मरक्षिणी सभा अध्यक्ष मनोज पंडा ने बताया कि मकर संक्रांति के पावन अवसर पर रविवार को बाबा भोलेनाथ, माता पार्वती की पूजा अर्चना के उपरांत प्राचीन समय से चली आ रही परंपरा के अनुसार मन्दिर प्रबंधन व अन्य भक्तों के द्वारा भोलेनाथ, माता पार्वती सहित मंदिर परिसर स्थित अन्य मंदिरों में तिल, लडडू, दही का भोग लगाया जाएगा। मकर संक्रांति को भोलेनाथ की नियम निष्ठा पूर्वक पंचामृत से स्नान एवं षोडशोपचार पूजन के बाद नूतन वस्त्र अर्पण करने के उपरांत बाबा भोलेनाथ, माता पार्वती, माता काली सहित मंदिर परिसर स्थित अन्य देवी देवताओं को दही, चूड़ा, तिल, गुड़ आदि का भोग लगाया जाएगा। बासुकीनाथ में मकर संक्रांति के अवसर पर मंदिर प्रबंधन, पण्डा समाज व भक्तों के द्वारा तिल-गुड़ का भोग लगाने की वर्षों से चल रही परंपरा का निर्वहन किया जाएगा। कार्यक्रम को लेकर मंदिर प्रबंधन के द्वारा आवश्यक तैयारियां की जा रही है।


इस वर्ष 15 जनवरी को मकर संक्रांति मनाई जाएगी। बासुकीनाथ मंदिर में मकर संक्रांति पर भोलेनाथ, माता पार्वती को तिल का लड्डू, दही का भोग लगाए जाने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है। बासुकीनाथ मंदिर में इस परंपरा का अनवरत निर्वहन किया जा रहा है।
मनोज पंडा, अध्यक्ष बासुकीनाथधाम पंडा धर्मरक्षिणी सभा

 ज्योतिषीय गणना एवं पंचांग के अनुसार इस वर्ष मकर संक्रांति का पावन पर्व 15 जनवरी दिन रविवार को मनाया जाएगा। यह पर्व हिंदू धर्म के लोगों के लिए विशेष महत्व रखता है। मकर संक्रांति के दिन सूर्य उत्तरायण होते हैं इस दिन मकर राशि में सूर्य प्रवेश कर जाते हैं इसीलिए तिथि का विशेष महत्व है। मकर संक्रांति पर बाबा बासुकीनाथ, माता पार्वती, माता काली सहित मंदिर परिसर स्थित सभी मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना के उपरांत भोलेनाथ को तिल-दही-गुड़ का विशेष भोग लगाया जाता है। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है। 
संजय झा, महामंत्री, बासुकीनाथधाम पंडा धर्मरक्षिणी सभा
The short URL of the present article is: https://bharatbulletin.in/pjg0

Leave a Comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *