संंवाददाता, मसलिया ( दुमका )/ गर्मी का दस्तक शुरू ही मसलिया प्रखंंड क्षेत्र के नुनबिल नदी दिन प्रतिदिन सुखने लगी है। नुनबिल नदी में जल स्तर सुख जाने के कारण आम लोगों के साथ साथ मवेशियों तथा पशु पक्षियों के समक्ष पेयजल संकट गहराने लगी है। नुनबिल नदी किनारे प्रखंंड क्षेत्र में हथियापाथर, बेलियाजोर, कुसुमघाटा, दलाही, सांपचाला, सुगापहाड़ी, रानीघाघर पंंचायत के अधिकांंश गांव हैं। नदी किनारे गांव के लोग प्रतिदिन नुनबिल नदी के बहता हुआ पानी में स्नान करते हैं। वहीं दूसरी ओर मवेशियों के साथ साथ पशु पक्षियों को भी पेयजल संकट देखा जाता है। इधर प्रखंंड के गोड़माला नुनबिल नदी घाट पर पेय जलापूर्ति योजना दुमका की ओर से जल टंकी निर्माण कार्य पिछले पांच साल से अपूर्ण है। क्रियान्वयन एजेंसी दुमका के विनोद लाल तथा विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण नुनबिल नदी के पेयजलापूर्ति योजना का लाभ लोगों को नहीं मिल रही है। सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में दुमका विधायक बसंंत सोरेन मोहनपुर आया था। यहां के लोगों ने विधायक श्री सोरेन को अवगत करा कर गोड़माला नुनबिल नदी घाट पर निर्माणाधीन पेय जलापूर्ति योजना को जल्द से जल्द चालू कराने की मांग किया था। विधायक श्री सोरेन ने लोगों को आश्वासन तो दिया था लेकिन पांच महीने से अधिक समय गुजर जाने के बावजूद भी जश की तश हैं।
नुनबिल नदी के जल स्तर घटने से पेयजल संकट गहराया
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