फूड प्रोसेसिंग के माध्यम से ग्रामीण स्तर पर युवाओं को मिलेगा रोजगार: हेमंत

रांची। झारखंड के

रांची। झारखंड के लोहरदगा जिले में स्थित बी.एस.कॉलेज स्टेडियम परिसर में बिरसा हरित ग्राम योजना सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि किसानों द्वारा पैदावार की गई कृषि उत्पादों का उचित मूल्य मिल सके इसके लिये राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था करेगी। झारखंड ऐसा प्रदेश है जहां लोग पहाड़, पर्वत, जंगल, नदी किनारे बसे हैं। उनकी सरकार ने इन सुदूर क्षेत्रों में बसे लोगों तक विकास योजनाओं को पहुंचाने का प्रयास किया। राज्य में बिरसा हरित ग्राम योजना की शुरुआत की। बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत बड़ी संख्या में ग्रामीणों को बागवानी के कार्य से जोड़ा गया है। वैश्विक महामारी के समय बागवानी आजीविका का सबसे बेहतर स्रोत बना। ग्रामीण परिवारों को बिरसा हरित ग्राम योजना से जोड़ा जा सके इस निमित्त निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में अब फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करेगी। किसानों को अब फूड प्रोसेसिंग उद्योग से जोड़ा जाएगा। खेती-कृषि से उत्पादित चीजों का बेहतर प्रोसेसिंग कर आय को बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। झारखंड सरकार इसके लिए निरंतर प्रयासरत है।
झारखंड में बागवानी का दायरा बढ़ाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि आम के अलावा पपीता, नींबू , आंवला, लीची, सखुवा, कटहल की भी करें। राज्य के किसान बागवानी के दायरा बढ़ाने का प्रयास करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की 65 फीसदी आबादी खेती-बाड़ी पर ही निर्भर है। जो लोग खेती-बाड़ी से जुड़े हैं उन्हें राज्य सरकार ट्रैक्टर, हल अन्य कृषि उपकरण अनुदानित दर पर उपलब्ध करा रही है। किसानों को पशुपालन इत्यादि से भी जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना की भी शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत विभिन्न प्रकार के छोटे-छोटे रोजगार के लिए ऋण की व्यवस्था की गई है। अब युवा वर्ग चाहे तो ऋण लेकर मुर्गी पालन, अन्य पशु पालन, दुकान, होटल, सैलून, मालवाहक गाड़ियां इत्यादि चलाकर रोजगार से जुड़ सकते हैं। खेती-कृषि के अलावा ये सभी छोटे-छोटे रोजगार के स्रोत आर्थिक समृद्धि का बेहतर विकल्प भी है। इन सब चीजों की झारखंड में परंपरा भी रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपके पास 1 एकड़ जमीन हो या 50 एकड़ राज्य सरकार बागवानी के लिए आपको मदद करेगी। आपके आस-पास अगर सरकारी बंजर भूमि उपलब्ध है तो उस भूमि पर भी आप सामूहिक बागवानी करें तथा राज्य सरकार से सामूहिक रूप से पट्टा लें।
सर्वजन पेंशन योजना का मिल रहा है लाभ
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य में सर्वजन पेंशन योजना लागू की गई। हमारी सरकार सभी वर्ग सामुदाय के 60 वर्ष से ऊपर के लोगों को पेंशन देने का काम कर रही है। विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन आदि सभी तरह के सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आने वाले पात्र पेंशनधारियों को ससमय पेंशन की राशि मिले इसका निर्देश पदाधिकारियों को दिया गया है। सामाजिक सुरक्षा के तहत आच्छादित पात्र लोगों को पेंशन मिलने में दिक्कत न हो इस निमित्त प्रखंड स्तर से लेकर जिला स्तर तक अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार गांव, गरीब, किसान एवं जरूरतमंदों के कल्याण के प्रति समर्पित भाव से कार्य कर रही है।
सीएम ने बिरसा हरित ग्राम योजना के पुस्तक का किया विमोचन
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने बिरसा हरित ग्राम योजना सम्मान समारोह में लोहरदगा, खूंटी, गुमला, रांची एवं लातेहार जिला के लाभुकों के बीच प्रशस्ति पत्र का वितरण, वित्तीय वर्ष 2022-23 के नए लाभुकों को स्वीकृति पत्र एवं लोहरदगा, खूंटी, गुमला, रांची एवं लातेहार जिला के लाभुकों के बीच फलदार पौधा का वितरण किया गया। इस अवसर पर बिरसा हरित ग्राम योजना से संबंधित पुस्तक का विमोचन भी किया गया। मौके पर मुख्यमंत्री एवं माननीय विशिष्ट अतिथियों को सप्रेम स्मृति चिन्ह भेंट की गई। इस अवसर पर योजना-सह-वित्त विभाग के मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव, ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री आलमगीर आलम, राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू, विधायक गुमला भूषण तिर्की, ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव अजय कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, उपायुक्त लोहरदगा वाघमारे प्रसाद कृष्णा, पुलिस अधीक्षक लोहरदगा आर. राजकुमार, उप विकास आयुक्त लोहरदगागरिमा सिंह, विभिन्न जिलों से पहुंचे टाना भगत समुदाय के प्रतिनिधि, बिरसा हरित ग्राम योजना के लाभुक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

किसानों द्वारा पैदावार की गई कृषि उत्पादों का उचित मूल्य मिल सके इसके लिये राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था करेगी। झारखंड ऐसा प्रदेश है जहां लोग पहाड़, पर्वत, जंगल, नदी किनारे बसे हैं। उनकी सरकार ने इन सुदूर क्षेत्रों में बसे लोगों तक विकास योजनाओं को पहुंचाने का प्रयास किया। राज्य में बिरसा हरित ग्राम योजना की शुरुआत की। बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत बड़ी संख्या में ग्रामीणों को बागवानी के कार्य से जोड़ा गया है। वैश्विक महामारी के समय बागवानी आजीविका का सबसे बेहतर स्रोत बना। ग्रामीण परिवारों को बिरसा हरित ग्राम योजना से जोड़ा जा सके इस निमित्त निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में अब फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करेगी। किसानों को अब फूड प्रोसेसिंग उद्योग से जोड़ा जाएगा। खेती-कृषि से उत्पादित चीजों का बेहतर प्रोसेसिंग कर आय को बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। झारखंड सरकार इसके लिए निरंतर प्रयासरत है।
झारखंड में बागवानी का दायरा बढ़ाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि आम के अलावा पपीता, नींबू , आंवला, लीची, सखुवा, कटहल की भी करें। राज्य के किसान बागवानी के दायरा बढ़ाने का प्रयास करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की 65 फीसदी आबादी खेती-बाड़ी पर ही निर्भर है। जो लोग खेती-बाड़ी से जुड़े हैं उन्हें राज्य सरकार ट्रैक्टर, हल अन्य कृषि उपकरण अनुदानित दर पर उपलब्ध करा रही है। किसानों को पशुपालन इत्यादि से भी जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना की भी शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत विभिन्न प्रकार के छोटे-छोटे रोजगार के लिए ऋण की व्यवस्था की गई है। अब युवा वर्ग चाहे तो ऋण लेकर मुर्गी पालन, अन्य पशु पालन, दुकान, होटल, सैलून, मालवाहक गाड़ियां इत्यादि चलाकर रोजगार से जुड़ सकते हैं। खेती-कृषि के अलावा ये सभी छोटे-छोटे रोजगार के स्रोत आर्थिक समृद्धि का बेहतर विकल्प भी है। इन सब चीजों की झारखंड में परंपरा भी रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपके पास 1 एकड़ जमीन हो या 50 एकड़ राज्य सरकार बागवानी के लिए आपको मदद करेगी। आपके आस-पास अगर सरकारी बंजर भूमि उपलब्ध है तो उस भूमि पर भी आप सामूहिक बागवानी करें तथा राज्य सरकार से सामूहिक रूप से पट्टा लें।
सर्वजन पेंशन योजना का मिल रहा है लाभ
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य में सर्वजन पेंशन योजना लागू की गई। हमारी सरकार सभी वर्ग सामुदाय के 60 वर्ष से ऊपर के लोगों को पेंशन देने का काम कर रही है। विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन आदि सभी तरह के सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आने वाले पात्र पेंशनधारियों को ससमय पेंशन की राशि मिले इसका निर्देश पदाधिकारियों को दिया गया है। सामाजिक सुरक्षा के तहत आच्छादित पात्र लोगों को पेंशन मिलने में दिक्कत न हो इस निमित्त प्रखंड स्तर से लेकर जिला स्तर तक अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार गांव, गरीब, किसान एवं जरूरतमंदों के कल्याण के प्रति समर्पित भाव से कार्य कर रही है।
सीएम ने बिरसा हरित ग्राम योजना के पुस्तक का किया विमोचन
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने बिरसा हरित ग्राम योजना सम्मान समारोह में लोहरदगा, खूंटी, गुमला, रांची एवं लातेहार जिला के लाभुकों के बीच प्रशस्ति पत्र का वितरण, वित्तीय वर्ष 2022-23 के नए लाभुकों को स्वीकृति पत्र एवं लोहरदगा, खूंटी, गुमला, रांची एवं लातेहार जिला के लाभुकों के बीच फलदार पौधा का वितरण किया गया। इस अवसर पर बिरसा हरित ग्राम योजना से संबंधित पुस्तक का विमोचन भी किया गया। मौके पर मुख्यमंत्री एवं माननीय विशिष्ट अतिथियों को सप्रेम स्मृति चिन्ह भेंट की गई। इस अवसर पर योजना-सह-वित्त विभाग के मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव, ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री आलमगीर आलम, राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू, विधायक गुमला भूषण तिर्की, ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव अजय कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, उपायुक्त लोहरदगा वाघमारे प्रसाद कृष्णा, पुलिस अधीक्षक लोहरदगा आर. राजकुमार, उप विकास आयुक्त लोहरदगागरिमा सिंह, विभिन्न जिलों से पहुंचे टाना भगत समुदाय के प्रतिनिधि, बिरसा हरित ग्राम योजना के लाभुक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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