बड़कागांव प्रखंड के विश्रामपुर पुल की स्थिति इन दिनों ठीक ठाक नजर नहीं आ रही है। पुल की लंबाई लगभग 400 फीट है। प्रतिवर्ष बरसात के दिनों में भारी मात्रा में पुल के ऊपर पानी का जमाव देखा जा रहा है। जिसके कारण पुल की जर्जर होने की संभावना बढ़ती हीं जा रही है। उक्त बिश्रामपुर पुल नयाटाँड़, चोबदार बलिया, तलसवार, आंगो, नापो खुर्द,पोटँगा, गरसुल्ला, उरीमारी पंचायत के लगभग 50,000 से अधिक ग्रामीणों का आवागमन उक्त पुल मार्ग से होता है। यह पुल उरीमारी होते हुए पतरातु रांची को भी जोड़ता है। उक्त पुल को लाइफ लाइन भी कहा जाता है। उक्त मामले को लेकर नयाटाँड़ मुखिया प्रतिनिधि अजीत कुमार ने बताया कि ट्रैक्टर के द्वारा बालू लाने ले जाने के दौरान भारी मात्रा में पुल के ऊपर बालू गिर जाता है के कारण पानी का जमाव हो जा रहा है ।पिछले साल मैंने 15 लेवर लगाकर पुल में जमा पानी की निकासी कराते हुए साफ-सफाई करवाया था। उक्त पुल का का निर्माण पूर्व विधायक लोकनाथ महतो के प्रयास से 2001 में कराया गया था। जिसका उद्घाटन झारखंड प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के कर कमलो किया गया था।
विश्रामपुर पुल के ऊपर बरसात में होता है पानी का जमाव, पुल को जर्जर होने का खतरा
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