जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), दुमका में माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के पुस्तकालय प्रभारी शिक्षकों के लिए “ए वर्कशॉप ऑन मेंटेनिंग ए गुड लाइब्रेरी” विषय पर एकदिवसीय गैर आवासीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ भारतीय संस्कृति के अनुरूप दीप प्रज्वलित कर डायट के संकाय सदस्यों और शिक्षकों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
प्रशिक्षण में मुख्य प्रशिक्षक सिद्धू-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय के लाइब्रेरी एंड इंफॉरमेशन साइंस विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर आशीष कौशिक और राजकीय पुस्तकालय, दुमका की प्रभारी फिरदौसी बेगम थे। उन्होंने शिक्षकों को पुस्तकालय में पुस्तकों के रखरखाव और उनके उपयोग के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी और शिक्षकों से आग्रह किया कि वे इस प्रशिक्षण को विद्यालय में जाकर लागू करें। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों को पुस्तकालय में पढ़ने की आदत डालने के लिए शिक्षकों को प्रेरित करना चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन, विषय प्रवेश और स्वागत भाषण संकाय सदस्य प्रियंकर परमेश ने किया। उन्होंने पुस्तकों को जीवन का सच्चा मित्र बताते हुए कहा कि एक सफल शिक्षक बनने के लिए जीवन भर सीखने की प्रक्रिया में रहना आवश्यक है।प्रभारी प्राचार्य सुषमा हसदा ने मुख्य अतिथियों का बुके और शाल देकर स्वागत किया और प्रशिक्षण के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। संकाय सदस्यों मधुश्री कुमारी, रेखा साव और सुब्रत गोराई ने भी अपने विचार साझा किए।इस कार्यशाला में 92 विद्यालयों के शिक्षक, जिनमें प्रियंका कुमारी, आनंद कुमार, मोना मेहनाज, दिलीप यादव और प्रियदर्शनी देहरी शामिल थे, ने हिस्सा लिया।